EPFO का बड़ा फैसला: नौकरी जाने पर अब एक बार में नहीं निकलेगा पूरा PF, 75% और 25% का नया फॉर्मूला लागू

देश के लगभग 8 करोड़ पीएफ (PF) खाताधारकों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर आ रही है। EPFO ने नौकरी से निकाले जाने या इस्तीफा देने की स्थिति में पीएफ खाते से पैसा निकालने के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब नौकरी जाने के 2 या 3 महीने के भीतर पूरा फंड निकालना मुमकिन नहीं होगा। इसके लिए अब खाताधारकों को पूरे 12 महीने यानी 1 साल का इंतजार करना होगा।
क्या है 75% और 25% का नया फॉर्मूला?
EPFO 2026 के नए नियमों के अनुसार, अब आप अपने पीएफ का पैसा टुकड़ों में ही निकाल सकेंगे।
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- तत्काल राहत (75%): अगर किसी कर्मचारी की नौकरी चली जाती है, तो वह अपने कुल पीएफ का केवल 75% हिस्सा ही निकाल पाएगा।
- अस्थायी लॉक (25%): बाकी बचे 25% हिस्से को अस्थायी रूप से लॉक कर दिया जाएगा। यह बची हुई राशि केवल तभी निकाली जा सकेगी, जब खाताधारक लगातार 12 महीने (1 साल) तक बेरोजगार रहेगा।
क्या था पुराना नियम? > स्कीम 1952 के पुराने नियमों के अनुसार, नौकरी छोड़ने के महज 2 महीने बाद ही खाताधारक अपना पूरा 100% पैसा एक बार में निकाल सकते थे।

PF कॉन्ट्रिब्यूशन की नई सीमा तय, ₹15,000 की सैलरी लिमिट
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सामाजिक सुरक्षा कोड के तहत अंशदान (Contribution) के नियमों को भी अपडेट किया है।
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- अब पीएफ कटौती के लिए अधिकतम बेसिक सैलरी 15,000 रुपए तय की गई है।
- इसका 12% हिस्सा पीएफ के तौर पर काटा जाएगा। कंपनी और कर्मचारी दोनों का अंशदान इसी तय सीमा के भीतर रहेगा।
- VPF का विकल्प: यदि कोई कर्मचारी इससे अधिक का निवेश अपने पीएफ में करना चाहता है, तो उसे अब VPF (Voluntary Provident Fund – स्वैच्छिक भविष्य निधि) का विकल्प चुनना होगा।
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नौकरी के दौरान एडवांस निकासी पर भी लगी लगाम
EPFO ने नौकरी में रहते हुए पीएफ खाते से एडवांस पैसा निकालने की श्रेणियों पर भी सख्त लिमिट लगा दी है। अब कर्मचारी केवल सीमित बार ही एडवांस पैसा निकाल सकेंगे, जिसकी सूची नीचे दी गई है:

एडवांस पीएफ निकासी की नई समय-सीमा:
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उद्देश्य / कारण |
अधिकतम कितनी बार निकाल सकते हैं? |
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शिक्षा (Education) |
पूरे सेवाकाल में अधिकतम 10 बार |
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शादी और घर निर्माण (Marriage & Housing) |
पूरे सेवाकाल में अधिकतम 5 बार |
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विशेष अवसर / मेडिकल (Special Occasions) |
पूरे सेवाकाल में अधिकतम 2 बार |
EPFO के इस कदम से जहां कर्मचारियों की भविष्य की बचत सुरक्षित रहेगी, वहीं अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।








