पंजाब रोडवेज और पनबस के कच्चे कर्मचारियों की हड़ताल; पठानकोट समेत 18 डिपो ठप, यात्री परेशान

पठानकोट, 9 जुलाई:पंजाब रोडवेज और पनबस के कच्चे कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी मांगों के समर्थन में कर्मचारियों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे पूरे राज्य की सरकारी बस सेवा पूरी तरह चरमरा गई है।

चक्का जाम का दिखा व्यापक असर
इस हड़ताल के चलते पठानकोट सहित पंजाब के सभी 18 पनबस डिपो पूरी तरह से बंद रहे और सरकारी बसों के पहिए थम गए। बस सेवा बंद होने का सीधा और भारी असर आम यात्रियों पर देखने को मिला, जिन्हें अपनी मंजिलों तक पहुंचने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और वे निजी वाहनों व अन्य साधनों पर निर्भर दिखे।
15% वेतन वृद्धि लागू न करने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे यूनियन नेताओं और कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से सरकार के सामने अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। उन्होंने बताया:
”विधानसभा सत्र के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री ने कच्चे कर्मचारियों के वेतन में 15% की बढ़ोतरी का वादा किया था और सरकार द्वारा इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया था। लेकिन विभाग के उच्च अधिकारी इस 15% के हक को रोक कर बैठे हैं, जिसके विरोध में हमें यह कदम उठाना पड़ा।”

लिखित आदेश मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष
कर्मचारियों ने साफ किया है कि कुछ डिपो में बढ़ा हुआ वेतन मिला है जबकि कई जगह पर नहीं। जब तक सरकार या परिवहन विभाग की ओर से इस संबंध में स्पष्ट और लिखित आदेश (लेटर) जारी नहीं किया जाता, तब तक पंजाब के सभी 18 डिपो बंद रहेंगे।
नेताओं ने चेतावनी दी है कि आज का ‘चक्का जाम’ पूरी तरह सफल रहा है। यदि सरकार ने जल्द ही उनकी जायज मांगों को लागू नहीं किया, तो आने वाले दिनों में इस संघर्ष को और तेज व तीखा किया जाएगा।








