पठानकोट के ईश्वर नगर में गहराया संकट: भीषण गर्मी के बीच बिजली-पानी की किल्लत से हाहाकार

पठानकोट: पंजाब में इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार जारी है। आसमान से बरसती आग के बीच पठानकोट के लोग न केवल मौसम की मार झेल रहे हैं, बल्कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में रहने को मजबूर हैं। शहर के वार्ड नंबर 13 (ईश्वर नगर) में बिजली और पानी के गंभीर संकट ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है।
पूरी-पूरी रात बिजली गुल रहने के कारण लोग रात भर सो नहीं पा रहे हैं, जिससे उनमें प्रशासन और स्थानीय पार्षदों के खिलाफ भारी आक्रोश है。
बिजली की आंख-मिचौली और लो-वोल्टेज से जनता परेशान
ईश्वर नगर के निवासियों का कहना है कि पिछले 10-15 दिनों से बिजली की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है। स्थानीय निवासी साहिल वर्मा ने बताया, “पिछले चार दिनों से हालत बेहद खराब है। दो दिन पहले तो पूरे दिन में कम से कम 15 बार बत्ती गुल हुई। सुबह जब उठते हैं, तो बिजली लगातार आती-जाती रहती है और करीब 10 बजे जाकर थोड़ी स्थिरता आती है। हम अपनी ड्यूटी पर जाएं या बिजली का इंतजार करें?”
वहीं, विकास कुमार नाम के एक अन्य निवासी ने कहा कि बिजली आने पर भी वोल्टेज इतना कम होता है कि कोई उपकरण काम नहीं करता। लो-वोल्टेज के कारण घरों में लगे पानी के पंप भी नहीं चल पा रहे हैं, जिससे पानी का संकट और गहरा गया है।
“बीमारी का घर बन रहा है इलाका”
वार्ड की एक बुजुर्ग महिला ने अपना दुख बयां करते हुए कहा, “रात को जैसे ही सोने की कोशिश करते हैं, बिजली कट जाती है। जागते रहो तो भी कटौती का सामना करना पड़ता है। गली में पानी जमा है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा है। अगर हमें अपने पैसे देकर ही सारे काम करवाने हैं, तो फिर प्रशासन और एमसी (कौंसलर) का क्या फायदा? कोई सुध लेने वाला नहीं है।”

पानी का संकट: ₹100 की बोतलें खरीदने को मजबूर लोग
बिजली संकट का सीधा असर पानी की आपूर्ति पर पड़ा है। निवासियों के अनुसार, कल सुबह से गई बिजली रात को वापस आई। पानी की भारी किल्लत के कारण लोगों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। विकास कुमार ने बताया कि पानी की कमी के कारण वे बच्चों के लिए बाजार से ₹100-₹100 की बिसलेरी (बोतलबंद) पानी खरीदकर लाने को मजबूर हैं।
प्रशासन का गैर-जिम्मेदाराना रवैया: ‘कर्मचारियों की कमी है’
जब स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग के शिकायत नंबर (1912) पर संपर्क किया, तो वहां से बेहद निराशाजनक जवाब मिला। निवासियों के अनुसार, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास कर्मचारियों की भारी कमी है। गर्मी के कारण शिकायतें ज्यादा हैं, इसलिए कर्मचारी एक जगह से दूसरी जगह दौड़ रहे हैं। अधिकारियों ने दो टूक कहा कि जब उनका नंबर (बारी) आएगा, तब कर्मचारी आकर समस्या देखेंगे।

निवासियों की मांग: तय हो कटौती का समय
वार्ड वासियों की मांग है कि इस भीषण गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों की हालत को देखते हुए प्रशासन तुरंत बिजली और पानी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करे। निवासियों का कहना है कि यदि बिजली का कट लगाना ही है, तो उसका एक समय निर्धारित (जैसे मंगलवार को 10 घंटे) किया जाए, ताकि लोग मानसिक रूप से तैयार रहें, लेकिन हर दिन और हर रात होने वाली इस अनियंत्रित कटौती को तुरंत बंद किया जाना चाहिए।








