पठानकोट: बदहाली का शिकार हुआ ‘शहीदी स्मारक’, प्रशासन की अनदेखी पर उठे सवाल

,पठानकोट गाड़ी अहाता चौक पठानकोट के गाड़ी अहाता चौक पर स्थित शहीदी स्मारक अभी पूरी तरह बनकर तैयार भी नहीं हुआ है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण यह पहले ही बदहाली का शिकार हो चुका है। देश के शहीदों के सम्मान में बनाए जा रहे इस स्मारक की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

ऑटो स्टैंड और अवैध कब्जों में छिपा स्मारक
ग्राउंड जीरो से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, शहीदी स्मारक के आसपास का क्षेत्र अब पूरी तरह से एक ऑटो स्टैंड में तब्दील हो चुका है, जहाँ धड़ल्ले से ऑटो खड़े किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, प्रवासी मजदूरों द्वारा स्मारक के ठीक सामने खिलौने और अन्य सामान सजाकर बेचे जा रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन ने पहले यह दावा किया था कि शहीदी स्मारक के आसपास किसी भी प्रकार की रेहड़ी-फड़ी या खिलौने आदि की दुकानें लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। यहाँ पक्के तौर पर डेरा जमा लिया गया है, जिससे यह स्मारक अब दिखाई तक नहीं दे रहा है।

चारों तरफ फैली गंदगी, कैंट एरिया की छवि पर दाग
पठानकोट एक प्रतिष्ठित कैंट (सैन्य) एरिया है, लेकिन शहीदी स्मारक के आसपास फैली भारी गंदगी और कूड़े के ढेर ने इसकी सुंदरता पर दाग लगा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी यदि शहीदों के स्मारक की यह दुर्दशा होनी थी, तो इतने पैसे खर्च करने का क्या फायदा था?
इस अव्यवस्था और बदहाली को लेकर जनता में भारी रोष है और लोग प्रशासन से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।








