वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

AMI News: पठानकोट में 75 mg से अधिक की प्रेगाबालिन दवा पर पूर्ण प्रतिबंध, जिला मजिस्ट्रेट के सख्त आदेश

पठानकोट में 75 mg से अधिक की प्रेगाबालिन दवा की खुली बिक्री और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध

– जिला मजिस्ट्रेट डॉ. पल्लवी ने जारी किए आदेश; उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

– डॉक्टर के पर्चे और सही रिकॉर्ड के बिना नहीं बेची जा सकेगी दवा, 7 सितंबर तक लागू रहेंगे आदेश

पठानकोट: पठानकोट की जिला मजिस्ट्रेट डॉ. पल्लवी (IAS) ने जिले में प्रेगाबालिन (Pregabalin) सॉल्ट के तहत आने वाली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए प्रेगाबालिन दवा की खुली बिक्री और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश आज 8 जुलाई 2026 से लेकर आगामी 7 सितंबर 2026 तक तत्काल प्रभाव से लागू रहेगा।

दवा के दुरुपयोग और नशे की लत को रोकने के लिए लिया फैसला

​जिला मजिस्ट्रेट डॉ. पल्लवी ने बताया कि बाजार में कैप्सूल या टैबलेट के रूप में मिलने वाली 150 मिलीग्राम (mg) और 300 मिलीग्राम (mg) की प्रेगाबालिन दवा का जनता द्वारा बड़े पैमाने पर दुरुपयोग करने और इसकी लत के मामले सामने आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

​”आमतौर पर बड़े डॉक्टरों, न्यूरोलॉजिस्ट या ऑर्थोपेडिशियन द्वारा भी मरीजों को केवल 75 मिलीग्राम (mg) तक की ही प्रेगाबालिन दवा लिखी जाती है। 150 mg और 300 mg की खुराक डॉक्टरों द्वारा अक्सर तजवीज नहीं की जाती, फिर भी इसकी खुली बिक्री और दुरुपयोग चिंता का विषय बना हुआ है।”

मेडिकल स्टोर्स और होलसेलर्स के लिए कड़े निर्देश:

​प्रशासन द्वारा जारी किए गए नए नियमों के मुताबिक अब जिले में दवा विक्रेताओं को निम्नलिखित गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य होगा:

  • खुराक पर प्रतिबंध: जिले में प्रेगाबालिन सॉल्ट के 75 मिलीग्राम से अधिक के कैप्सूल/टैबलेट के भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह से रोक रहेगी।
  • पर्चा अनिवार्य: कोई भी थोक विक्रेता (Wholesaler), खुदरा विक्रेता (Retailer), केमिस्ट, मेडिकल स्टोर मालिक या अस्पतालों के अंदर स्थित फार्मेसी, डॉक्टर के असली और वैध पर्चे (Original Prescription) के बिना प्रेगाबालिन 75 mg भी नहीं बेच सकेगा।
  • रिकॉर्ड बनाए रखना: 75 मिलीग्राम तक की दवा की खरीद और बिक्री का पूरा और सही रिकॉर्ड (लेजर/रजिस्टर) रखना अनिवार्य होगा।
  • मात्रा की जांच: सभी विक्रेताओं को डॉक्टर के पर्चे की बारीकी से जांच करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि मरीज को दी जा रही गोलियों/कैप्सूल की संख्या पर्चे में लिखी गई जरूरत से ज्यादा न हो।

​जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी केमिस्ट या व्यक्ति इन आदेशों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी तौर पर सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!