वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

चंबा की बेटी का JNU में जलवा: ऑल इंडिया रैंक-1 लाकर हिमानी ने रचा इतिहास

चंबा के पहाड़ों से JNU के गलियारों तक: दुर्गम वादियों की बेटी हिमानी बनीं इतिहास में ऑल इंडिया टॉपर

बिना किसी महंगी कोचिंग के, सिर्फ सेल्फ स्टडी और प्रोफ़ेसर के मार्गदर्शन से रचा इतिहास

 चंबा : कहते हैं कि प्रतिभा किसी सुख-सुविधा या भूगोल की मोहताज नहीं होती। इस कहावत को चंबा की होनहार बेटी हिमानी ने सच कर दिखाया है। देश के सबसे पिछड़े और आकांक्षी जिलों (Aspirational Districts) में शुमार चंबा की रहने वाली हिमानी ने देश के सबसे प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की परास्नातक (MA History) प्रवेश परीक्षा में पूरे भारत में EWS श्रेणी में प्रथम स्थान (All India Rank 1) हासिल किया है। हिमानी की इस अभूतपूर्व सफलता से न केवल चंबा बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन हुआ है।

कॉलेज में सम्मान समारोह, प्राध्यापक हुए भावुक

​हिमानी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राजकीय महाविद्यालय चंबा में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर राकेश राठौर द्वारा हिमानी को प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

​हिमानी शर्मा गत सत्र में चंबा कॉलेज में इतिहास विषय में बीए अंतिम वर्ष की छात्रा रही हैं। उनकी इस सफलता पर इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष मणिराज सिंह राठौड़ अत्यंत भावुक नजर आए। उन्होंने कहा:

“जब हिमानी ने देर रात फोन कर मुझे इस परीक्षा परिणाम की सूचना दी, तो वह हम सभी के लिए एक ऐतिहासिक और भावुक कर देने वाला पल था। चंबा जैसे कठिन और सीमित संसाधनों वाले क्षेत्र की छात्रा जब बिना किसी बाहरी मदद या भारी-भरकम कोचिंग के, केवल सेल्फ-स्टडी से देश की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी के इतिहास विभाग की सूची में शीर्ष पायदान पर पहुँचती है, तो यह एक शिक्षक के रूप में मेरे अध्यापन के सफर की सबसे बड़ी सार्थकता और अनमोल उपहार है।”

दुर्गम परिस्थितियां भी नहीं रोक सकीं रास्ता: प्राचार्य

​इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर कॉलेज के प्राचार्य राकेश राठौड़ ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हिमानी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह हमारे संपूर्ण महाविद्यालय के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। हिमानी ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियाँ भी रास्ता नहीं रोक सकतीं।

सफलता के मूल मंत्र: हिमानी की जुबानी
• निरंतरता (Consistency) और कड़ा अनुशासन।
• कॉलेज के प्रोफेसर मणिराज सर का कुशल मार्गदर्शन।
• बिना भटकाव के नियमित रूप से की गई ‘सेल्फ स्टडी’।
• बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का मजबूत इरादा।

प्रेरणा बनेगा हिमानी का सफर

​अपनी इस सफलता पर हिमानी ने बताया कि मणिराज सर क्लास में लगातार छात्रों को प्रेरित करते हैं और हमेशा बड़े सपने देखने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। हिमानी की इस राष्ट्रीय स्तर की सफलता पर कॉलेज प्रशासन एवं समस्त प्राध्यापकों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। चंबा की पहाड़ियों से निकलकर जेएनयू के गलियारों तक का उनका यह सफर हिमाचल के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बनकर उभरेगा। इस सम्मान समारोह के अवसर पर प्रोफेसर अविनाश, प्रोफेसर मणिराज सिंह राठौड़ सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!