कूंर स्कूल में शिक्षकों का भारी संकट, जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर छात्र
चंबा के जनजातीय क्षेत्र भरमौर की शिक्षा व्यवस्था राम भरोसे; अभिभावकों ने उपायुक्त से लगाई गुहार

चंबा (जितेंद्र मेहरा): जनजातीय जिला चम्बा के दूरदराज क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था आज भी गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। सरकार के दावों के विपरीत जमीनी हकीकत यह है कि जिले के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई भगवान भरोसे है। ताजा मामला भरमौर विधानसभा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कूंर का है, जहाँ लंबे समय से शिक्षकों के कई महत्वपूर्ण पद रिक्त पड़े हैं, जिससे कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है।

प्रधानाचार्य से लेकर शिक्षकों के अहम पद खाली
विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) और अभिभावकों का कहना है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 की शुरुआत से ही स्कूल में शिक्षकों का टोटा चल रहा है। पर्याप्त अध्यापकों के अभाव में विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है। स्कूल में इस समय निम्नलिखित महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं:
- प्रशासनिक पद: प्रधानाचार्य और कार्यालय लिपिक।
- प्रवक्ता (Lecturers): राजनीति शास्त्र, इतिहास, अंग्रेजी और आई.पी.।
- टीजीटी व अन्य: टीजीटी आर्ट्स, टीजीटी मेडिकल और एल.टी. हिंदी।
स्थिति इतनी विकट है कि जिले के कई स्कूलों में एक ही शिक्षक को पांच से छह कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ-साथ अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ रही हैं।

जर्जर भवन: खुले आसमान के नीचे या एक ही कमरे में बैठने को मजबूर बच्चे
शिक्षकों की कमी के साथ-साथ स्कूल की इमारत भी ‘ज़र-ज़र’ (जर्जर) हो चुकी है, जो कभी भी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। सुरक्षा कारणों से नियमित कक्षाओं का संचालन भवन के बाहर वैकल्पिक स्थान पर करना पड़ रहा है। कमरों की भारी किल्लत के कारण कई अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में भेड़-बकरियों की तरह बैठाकर पढ़ाया जा रहा है, जिससे शिक्षण कार्य सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रहा।
मंजूरी के बाद भी नहीं शुरू हुआ नए भवन का काम
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि विद्यालय के लिए नए भवन का निर्माण कार्य स्वीकृत होने के बावजूद अब तक शुरू नहीं हो सका है। आखिर यह लापरवाही किसके स्तर पर हो रही है, यह जांच का विषय है।

उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन, उग्र आंदोलन की चेतावनी
समस्या से तंग आकर पंचायत प्रधान, विद्यालय प्रबंधन समिति और अभिभावकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त चम्बा को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं:
- विद्यालय में रिक्त पड़े सभी पदों को शीघ्र भरा जाए।
- नए भवन का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जल्द शुरू करवाया जाए।
- निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारणों की उच्च स्तरीय जांच हो।
स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो वे अपने बच्चों के भविष्य को बचाने के लिए सड़कों पर उतरने से भी गुरेज नहीं करेंगे।








