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कालका-शिमला हेरिटेज ट्रैक पर टला बड़ा हादसा; पहाड़ी दरकने से फंसी शिवालिक एक्सप्रेस, 107 यात्री सुरक्षित बचाए गए

कालका-शिमला हेरिटेज ट्रैक पर बड़ा हादसा टला, पहाड़ी दरकने से फंसी शिवालिक एक्सप्रेस के सभी 107 यात्री सुरक्षित

​रेलवे की मुस्तैदी: मलबे के बीच फंसी ट्रेन से यात्रियों को निकाला, विशेष बसों और कनेक्टिंग ट्रेन के जरिए पहुंचाया गंतव्य तक

शिमला/कालका कालका-शिमला हेरिटेज रेल मार्ग पर कैथलीघाट और कानों के बीच अचानक पहाड़ी दरकने से रेल यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। हालांकि, रेलवे प्रबंधन की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई के चलते एक बड़ा संकट टल गया। ट्रैक पर मलबा आने के कारण फंसी गाड़ी संख्या 52452 शिमला-कालका शिवालिक डीलक्स एक्सप्रेस के सभी 107 यात्रियों को रेलवे ने बेहद सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर लिया। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने रात में ही विशेष बसों का प्रबंध किया और कनेक्टिंग ट्रेन को भी कालका स्टेशन पर एक घंटे तक रोक कर रखा।

​खतरे को भांप रोकी ट्रेन, सुरक्षित वापस लाए गए यात्री

​उत्तर रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब किलोमीटर संख्या 68/13 पर अचानक पहाड़ी से भारी मलबा और पत्थर खिसक कर ट्रैक पर आ गिरे। ठीक उसी समय शिवालिक डीलक्स एक्सप्रेस वहां से गुजर रही थी। खतरे को भांपते हुए लोको पायलट और रेलवे स्टाफ ने तुरंत ट्रेन को रोक दिया। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, ट्रेन में सवार सभी 107 यात्रियों को सुरक्षित वापस कैथलीघाट स्टेशन लाया गया।

​पल-पल का संवाद और बसों की व्यवस्था

​संकट के इस दौर में रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन में मौजूद टीटीई और फोन के जरिए यात्रियों से लगातार संपर्क बनाए रखा, जिससे यात्री पैनिक न हों। कैथलीघाट स्टेशन पर रात 10:24 बजे तुरंत 3 विशेष बसों की व्यवस्था की गई, जिसके माध्यम से 97 यात्रियों को कालका के लिए रवाना किया गया।

कालका स्टेशन पर भोजन-पानी की व्यवस्था, 1 घंटा रोकी गई हावड़ा मेल

यात्रियों का आगे का सफर प्रभावित न हो, इसके लिए रेलवे प्रशासन ने गाड़ी संख्या 13052 कालका-हावड़ा मेल को कालका स्टेशन पर 60 मिनट की देरी से रवाना करने का फैसला किया। रात 12:30 बजे जब बसें यात्रियों को लेकर कालका पहुंचीं, तो वहां उनके लिए पहले से ही भोजन के पैकेट और पीने के पानी की उचित व्यवस्था थी। इसके बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित हावड़ा मेल में बैठाकर उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।

​रविवार को बहाल हुआ रेल यातायात

​भूस्खलन के चलते शनिवार शाम को कुछ अन्य ट्रेनों को भी शॉर्ट टर्मिनेट (रास्ते में ही रोकना) करना पड़ा। हालांकि, रेलवे की रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए ट्रैक से मलबा और पत्थरों को पूरी तरह साफ कर दिया, जिसके बाद रविवार को शिमला-कालका रेल मार्ग पर सभी ट्रेनें एक बार फिर सुचारू रूप से चलीं।

​अधिकारी का बयान

​”इस प्राकृतिक आपदा के दौरान रेलवे ने त्वरित और समन्वित कार्रवाई की। हमारा पूरा ध्यान यात्रियों की सुरक्षा, उनसे लगातार संवाद और वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था पर था। हम मुश्किल समय में धैर्य बनाए रखने के लिए यात्रियों का आभार व्यक्त करते हैं और उन्हें हुई असुविधा के लिए खेद जताते हैं।”

— यशनजीत सिंह (वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, उत्तर रेलवे अंबाला मंडल)

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Author: Ami News

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