मनरेगा इतिहास के पन्नों में दर्ज, 1 जुलाई से लागू हुआ ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन’
ग्रामीण विकास विभाग ने जारी किए आदेश: पुराने निर्देश व नीतियां स्वतः समाप्त, सभी कर्मचारी नए मिशन में हुए मर्ज

ग्रामीण विकास विभाग ने केंद्र सरकार के ऐतिहासिक फैसले को अमलीजामा पहनाते हुए राज्य में लगभग दो दशक पुराने ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005’ (मनरेगा) को पूरी तरह से निरस्त कर दिया है। इसके स्थान पर अब राज्य में नया कानून ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ लागू हो गया है।
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव सी. पालरासू द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, मनरेगा के तहत काम कर रहे सभी श्रेणी के कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से इस नए मिशन में मर्ज (विलीन) कर दिया गया है।
1 जुलाई से नई नियुक्ति; धारा 21 के तहत ट्रांसफर माने जाएंगे कर्मी
सरकार द्वारा जारी इस नई अधिसूचना के तहत तैनात स्टाफ के सेवा नियमों में कई बड़े और बुनियादी बदलाव किए गए हैं। 1 जुलाई से मनरेगा के तहत कार्यरत ग्राम रोजगार सेवक (GRS), कंप्यूटर ऑपरेटर, जूनियर अकाउंटेंट, तकनीकी स्टाफ और अन्य सभी श्रेणियों के कर्मी अब नए कानून की धारा 21 के तहत ट्रांसफर माने जाएंगे। प्रशासनिक और कानूनी उद्देश्यों के लिए इन सभी कर्मचारियों की यह एक ‘नई नियुक्ति’ मानी जाएगी।
पुरानी नीतियां और पत्र स्वतः समाप्त
चूंकि इन कर्मियों की सेवाएं मूल रूप से मनरेगा योजना के साथ ही सह-संबद्ध (Linked) थीं, इसलिए मनरेगा के अंतर्गत साल 2007 से लेकर 2022 तक जारी की गई सभी पुरानी नीतियां, निर्देश, गाइडलाइंस और पत्र 1 जुलाई से स्वतः ही समाप्त (Null and Void) हो गए हैं।

बाद में तय होंगे सेवा नियम, तब तक सुचारू रूप से चलता रहेगा काम
कर्मचारियों के भविष्य और उनके हक को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। अधिसूचना में साफ किया गया है कि इन कर्मचारियों की पात्रता, कर्तव्य, छुट्टियां, अनुशासनात्मक मामले और सेवा समाप्ति से जुड़े विस्तृत नियम व शर्तें (Terms & Conditions) बाद में अलग से अधिसूचित की जाएंगी। जब तक नए नियम और विस्तृत गाइडलाइंस जारी नहीं होते, तब तक यह सभी कर्मचारी पहले की तरह ही सुचारू रूप से कार्य करते रहेंगे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्य और रोजगार की प्रक्रिया किसी भी तरह से बाधित न हो।

आगामी कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को भेजी गईं प्रतियां
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव के इस आदेश की प्रतियां मुख्य सचिव के निजी सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव, केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव, सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) व ब्लॉक विकास अधिकारियों (BDO) को आगामी आवश्यक कार्रवाई हेतु तुरंत प्रेषित कर दी गई हैं।
एक नजर में मुख्य बदलाव (In Brief Panel):
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पुरानी व्यवस्था (मनरेगा) |
नई व्यवस्था (विकसित भारत मिशन) |
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वर्ष 2005 का अधिनियम निरस्त |
नया अधिनियम 2025 (1 जुलाई से प्रभावी) |
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2007 से 2022 तक के पुराने निर्देश लागू थे |
सभी पुरानी नीतियां और पत्र स्वतः समाप्त |
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पुरानी संविदा/सेवा व्यवस्था |
धारा 21 के तहत नई नियुक्ति/ट्रांसफर |
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स्टाफ: ग्राम रोजगार सेवक, ऑपरेटर आदि |
सभी स्टाफ नए मिशन में मर्ज |








