भीषण गर्मी से बेहाल ‘जंगली बकरी’ ने उफनती रावी नदी को किया पार, नज़ारा देख लोग रह गए दंग
प्यास बुझाने जंगल से निकलकर नदी तट पर पहुंचा वन्य जीव, तेज बहाव के बीच दिखाया अदम्य साहस

जितेंद्र मेहरा, शहर में उबाल मारती भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ पारे ने जहां आम जनमानस का जीना दूभर कर रखा है, वहीं अब इसका असर जंगलों में भी साफ दिखने लगा है। बढ़ती तपिश के कारण जंगल के प्राकृतिक जलस्रोत सूखने लगे हैं, जिसके चलते बेजुबान जंगली जानवर अपनी प्यास बुझाने और गर्मी से राहत पाने के लिए नदियों व मैदानी इलाकों का रुख कर रहे हैं।
ऐसा ही एक रोमांचक और हैरान कर देने वाला मामला आज दोपहर रावी नदी के तट पर देखने को मिला।

तेज बहाव में लगाई छलांग, चट्टान पर जमाए पैर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय एक वयस्क वन्य प्राणी—जिसे स्थानीय व वन्य भाषा में ‘जंगली बकरी’ (वन्य जीव) कहा जाता है—जंगल से निकलकर रावी नदी के तट पर पहुंच गई। चिलचिलाती धूप के बीच वह काफी देर तक सूनी आंखों से रावी नदी के पानी को निहारती रही। इसके बाद, गर्मी से राहत पाने या नदी पार करने की चाह में उसने अचानक उफनती हुई रावी नदी के तेज बहाव में छलांग लगा दी।
साहस की मिसाल: नदी में पानी का बहाव बेहद तेज था और अमूमन ऐसे बहाव में बड़े-बड़े जीव बह जाते हैं। लेकिन इस वयस्क जंगली बकरी ने हिम्मत नहीं हारी। तेज लहरों के बीच काफी जद्दोजहद और संघर्ष करने के बाद, आखिरकार उसने नदी को पार कर ही लिया।

पहाड़ी की ओर लगाई छलांगें
नदी पार करने के बाद हांफते हुए जीव ने पानी के बीच स्थित एक सकरी चट्टान पर अपने पैर जमाए। वहां कुछ देर विश्राम कर अपनी सांसें बहाल कीं और फिर फुर्ती दिखाते हुए ऊपर पहाड़ी की ओर छलांगें लगाते हुए घने जंगल में गायब हो गई।
तट के आसपास मौजूद जिन भी लोगों ने प्रकृति और वन्यजीव के संघर्ष का यह मनमोहक व हैरान कर देने वाला दृश्य देखा, वे दंग रह गए। लोगों का कहना है कि यह दृश्य इस बात का गवाह है कि गर्मी का संकट इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों पर भी कितना गहरा गया है।








