हिमाचल सरकार की बड़ी घोषणा: युवाओं को रोजगार, महिलाओं को बस किराए में 50% छूट और छात्रों को विशेष पास
राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना (चरण-4) को मिली मंजूरी, ई-बस पर 50% और डीजल बस पर मिलेगी 30% सब्सिडी

शिमला हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने और जनता को बड़ी राहत देने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ‘राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना’ के चौथे चरण (Phase-4) को शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत राज्य में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा दिया जाएगा, साथ ही महिलाओं और स्कूली छात्रों को बस सफर में विशेष रियायतें मिलेंगी।
## योजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ
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- किराए में भारी छूट: योजना के तहत चलने वाली इलेक्ट्रिक और डीजल बसों में महिलाओं को किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
- स्कूली छात्रों को राहत: कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों को एक विशेष पास प्रणाली के माध्यम से रियायती यात्रा सुविधा मिलेगी।
- खरीद पर बंपर सब्सिडी: प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को इलेक्ट्रिक बस खरीदने पर 50 प्रतिशत और डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत तक की सरकारी सब्सिडी मिलेगी।
- महीने भर की प्रोत्साहन राशि: सरकार लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक बसों के लिए 65,000 रुपए प्रतिमाह और डीजल बसों के लिए 50,000 रुपए प्रतिमाह परिचालन प्रोत्साहन राशि (Operational Incentive) के रूप में 5 वर्षों तक प्रदान करेगी।
“हमारा उद्देश्य बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा करना, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाना और पर्यावरण-अनुकूल यातायात को बढ़ावा देना है।” > — सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश

### हर उपमंडल में चलेंगे कम से कम 10 मार्ग
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह योजना पूरे हिमाचल प्रदेश में लागू होगी। योजना की पहुंच को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए प्रत्येक उपमंडल में कम से कम 10 बस मार्ग चिन्हित किए जाएंगे। इस योजना के दायरे में न्यूनतम 32 सीटों वाली इलेक्ट्रिक और डीजल यात्री बसें शामिल होंगी। योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए श्रम, रोजगार एवं विदेशी नियोजन विभाग, परिवहन विभाग और जिला प्रशासन मिलकर काम करेंगे।
### आवेदन के लिए जरूरी पात्रता और योग्यता
यदि आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपके पास निम्नलिखित योग्यताएं होना अनिवार्य है:
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- स्थायी निवासी: आवेदक का हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना जरूरी है।
- आयु सीमा: आवेदक की उम्र 25 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- लाइसेंस व अनुभव: आवेदक के पास वैध हैवी ड्राइविंग लाइसेंस (Heavy Driving License) और कम से कम 3 वर्ष का अनुभव होना आवश्यक है।
- स्वयं संचालन: आवंटित की गई बस का संचालन स्वयं लाभार्थी को ही करना होगा।
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चयन में इन्हें मिलेगी प्राथमिकता: राज्य के रोजगार कार्यालयों में पहले से पंजीकृत अभ्यर्थियों को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के आवेदकों को चयन प्रक्रिया में विशेष वरीयता मिलेगी।

### सुरक्षा के लिए बसों में लगेगा GPS ट्रैकिंग सिस्टम
योजना के पारदर्शी और प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने तकनीक का सहारा लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत चलने वाली सभी बसों में जीपीएस (GPS) आधारित वाहन ट्रैकिंग प्रणाली अनिवार्य रूप से स्थापित की जाएगी, जिससे यात्रियों (विशेषकर महिलाओं और बच्चों) की सुरक्षा और रूट की निगरानी सटीक तरीके से हो सके।








