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अरुणाचल में कुदरत का तांडव: केई पन्योर में बाढ़ से भारी तबाही, 300 मीटर लंबा लोहे का पुल बहा

अरुणाचल प्रदेश: केई पन्योर में कुदरत का कहर, अचानक आई बाढ़ में बहा 300 मीटर लंबा पुल

लगातार बारिश से उफनती नदियों ने मचाई तबाही; कई गांव जलमग्न, राहत शिविरों में रहने को मजबूर हुए लोग

​अरुणाचल प्रदेश के नवगठित जिले केई पन्योर में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) ने भारी तबाही मचाई है। नदियों के उफनते पानी और तेज़ बहाव के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इस आपदा में सबसे बड़ा नुकसान यातायात संपर्क को हुआ है, जहां केमी और ओयान को जोड़ने वाला करीब 300 मीटर लंबा लोहे का मजबूत पुल ताश के पत्तों की तरह केमी नदी के तेज़ बहाव में बह गया। पुल बहने से कई इलाकों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।

‘मिनटों में सब तबाह हो गया’— पीड़ितों ने बयां किया खौफ

​बाढ़ प्रभावित परिवारों ने उस खौफनाक मंजर को याद किया जब कुछ ही मिनटों में उनकी जिंदगीभर की कमाई पानी में समा गई। जान बचाने के लिए लोगों को अपने आशियाने छोड़कर प्रशासनिक और अस्थायी राहत शिविरों (Temporary Relief Camps) में शरण लेनी पड़ी है।

  • घर के साथ बह गया रोज़गार: नीपको (NEEPCO) में कार्यरत 46 वर्षीय रूमी राभा ने बताया, “पोस्सा गांव के पास स्थित NEEPCO कॉलोनी में हमारा सरकारी क्वार्टर था। अचानक पानी का स्तर इतना बढ़ा कि क्वार्टर देखते ही देखते बह गया। हमारे पास कुछ भी बचाने का समय नहीं था। अब मैं और मेरे पति एक अस्थायी राहत शिविर में रहने को मजबूर हैं।”
  • सोते समय घुसा पानी: एक अन्य शिविर में पनाह ले रहीं ऋतुपर्णा आचार्य ने उस सुबह की भयावहता बताते हुए कहा, “सुबह करीब 7:00 बजे हम सब सो रहे थे, तभी एक पड़ोसी आंटी ने हमें चिल्लाकर जगाया। जैसे ही उन्होंने आवाज़ दी, पानी हमारे घरों के अंदर घुस चुका था। शुरुआत में हम अपने ज़रूरी दस्तावेज़ (डॉक्यूमेंट्स) तक नहीं निकाल पाए। जब पानी का स्तर थोड़ा कम हुआ, तब जान जोखिम में डालकर हम केवल अपने दस्तावेज़ निकाल सके।”

राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी

“प्रशासन, स्थानीय सरकार और NEEPCO की सेंट्रल टीम मिलकर प्रभावित लोगों तक हर संभव मदद पहुंचा रही है। प्रभावितों को भोजन, दवाइयां और सुरक्षित आश्रय दिया जा रहा है।”

स्थानीय प्रशासन अधिकारी

​आपदा की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में मुस्तैद हैं। राहत शिविरों में रह रहे लोगों ने बताया कि NEEPCO की सेंट्रल टीम और स्थानीय सरकार के अधिकारियों ने मिलकर संकट की इस घड़ी में उनकी बहुत मदद की है।

भूस्खलन का खतरा बरकरार, अलर्ट जारी

​मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि इलाके में लगातार हो रही बारिश के कारण और अधिक बाढ़ व भूस्खलन (Landslides) का खतरा बना हुआ है। अधिकारियों ने सभी नागरिकों से बेहद सतर्क रहने और विशेष रूप से नदी किनारे के क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त अपील की है। आने वाले 24 से 48 घंटे पूरे जिले के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं।

Ami News
Author: Ami News

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