जसूर में STF की बड़ी कार्रवाई: 223 ग्राम चिट्टे के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार, मुख्यमंत्री के ‘एंटी-चिट्टा जन आंदोलन’ को मिली बड़ी कामयाबी
- गुप्त सूचना पर कार्रवाई: जसूर स्थित शास्त्री ITI के समीप जाल बिछाकर एसटीएफ कांगड़ा ने दबोचे तस्कर।
- जीरो टॉलरेंस नीति: मुख्यमंत्री के आह्वान पर नशे के खिलाफ हिमाचल पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन जारी।
- गोपनीयता का भरोसा: पुलिस की अपील— टोल-फ्री नंबर 112 पर दें नशे की सूचना, नाम रहेगा गुप्त।
नूरपुर/जसूर हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी ‘एंटी-चिट्टा जन आंदोलन’ के तहत पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एसटीएफ कांगड़ा की टीम ने पुलिस जिला नूरपुर के तहत आने वाले जसूर क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को 223 ग्राम चिट्टे के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बरामद नशे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।

ITI के पास बिछाया गया था जाल
जानकारी के अनुसार, एसटीएफ कांगड़ा की टीम जसूर क्षेत्र में नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान टीम को पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि जसूर स्थित शास्त्री आईटीआई (ITI) की ओर चिट्टे की एक बड़ी खेप की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही एसटीएफ की टीम ने बिना वक्त गंवाए शास्त्री आईटीआई के समीप योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। कुछ ही देर बाद वहां से गुजर रहे तीन संदिग्ध व्यक्तियों को टीम ने रोका। जब उनकी गहन तलाशी ली गई, तो उनके कब्जे से 223 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज, बैकवर्ड लिंकेज खंगाल रही पुलिस
इतनी भारी मात्रा में नशा मिलने के बाद एसटीएफ ने तीनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में पुलिस थाना नूरपुर में आरोपियों के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम (NDPS एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
नूरपुर पुलिस के अनुसार: > “आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि चिट्टे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे आगे किसे सप्लाई किया जाना था। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”

नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में ‘एंटी-चिट्टा जन आंदोलन’ का आगाज करने के बाद से ही हिमाचल पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करना है, बल्कि युवाओं को नशे के जाल से बचाना और समाज में जागरूकता फैलाना है।
जनता से पुलिस की अपील
पहचान रहेगी पूरी तरह गुप्त, 112 पर दें सूचना > पुलिस अधिकारियों ने आम जनता और विशेषकर युवाओं से आग्रह किया है कि यदि उनके आसपास चिट्टा या किसी भी प्रकार के नशे की अवैध खरीद-फरोख्त या तस्करी की सूचना हो, तो वे तुरंत टोल-फ्री नंबर 112 या अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।









