समान काम-समान वेतन की माँग: पठानकोट में एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल जारी
छठे दिन भी सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन; स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं, 2 जुलाई को संगरूर में राज्य स्तरीय रोष प्रदर्शन की चेतावनी

पठानकोट: पठानकोट में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) कर्मचारियों की अपने हक और माँगों को लेकर पिछले एक सप्ताह से चल रही हड़ताल लगातार जारी है। हड़ताल के छठे दिन आज कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी भड़ास निकाली।
66 आयुष्मान आरोग्य केंद्रों पर पड़ा असर, मरीज परेशान
कर्मचारियों की इस बेमियादी हड़ताल के कारण जिले के 66 आयुष्मान आरोग्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। केंद्रों पर ताले लटके होने या स्टाफ न होने के कारण दूर-दराज से आने वाले मरीजों को इलाज और दवाइयां न मिलने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

‘4 साल से सिर्फ खोखले वादे कर रही सरकार’
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि पंजाब सरकार पिछले 4 वर्षों से केवल खोखले वादे कर रही है, लेकिन उनकी जायज माँगों को पूरा करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कर्मचारियों की मुख्य माँगें निम्नलिखित हैं:
- समान काम का समान वेतन लागू किया जाए।
- कच्चे कर्मचारियों को तुरंत पक्का (नियमित) किया जाए।
- सभी पात्र कर्मचारियों को लॉयल्टी बोनस का लाभ दिया जाए।
पल्स पोलियो अभियान का किया बहिष्कार
हड़ताल में शामिल आयुष्मान आरोग्य केंद्र संतोली (ब्लॉक धारकलां) की सीएचओ (CHO) डॉ. अनुपम भाटिया ने बताया कि सरकार हर बार केवल जुबानी वादे करके बात टाल देती है, कोई भी लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता। उन्होंने कहा, “हमें पता है कि पल्स पोलियो अभियान बेहद जरूरी है, लेकिन सरकार के अड़ियल रवैये के कारण बेहद मजबूरी में हमें इस अभियान का पूरी तरह से बहिष्कार (Boycott) करना पड़ रहा है। कोई भी सीएचओ इस ड्यूटी को नहीं कर रहा है।”

2 जुलाई को संगरूर में महा-रैली की चेतावनी
कर्मचारी नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी माँगों को पूरा नहीं किया, तो यह हड़ताल और उग्र रूप लेगी। इसी कड़ी में अपनी आवाज बुलंद करने के लिए आगामी 2 जुलाई को संगरूर में राज्य स्तरीय विशाल रोष प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।








