जीएसटी धोखाधड़ी मामला: आप नेता संजीव अरोड़ा पर ईडी का बड़ा एक्शन, 55.57 करोड़ की संपत्ति कुर्क

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा, उनके परिवार और उनसे जुड़ी एक रियल एस्टेट कंपनी पर शिकंजा कस दिया है। जांच एजेंसी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक अंतरिम आदेश जारी कर संजीव अरोड़ा और उनसे संबंधित संस्थाओं की 55.57 करोड़ रुपए मूल्य की चल-अचल संपत्तियां कुर्क (जब्त) कर ली हैं।
कुर्क संपत्तियों में बैंक खाते, एफडी और आलीशान अपार्टमेंट शामिल
ईडी द्वारा जारी बयान के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में पंजाब के लुधियाना, हरियाणा के गुरुग्राम और चंडीगढ़ में स्थित कई बैंक खाते, सावधि जमा (एफडी), व्यावसायिक संपत्तियां, आवासीय अपार्टमेंट और कीमती जमीनें शामिल हैं। यह संपत्तियां संजीव अरोड़ा, उनके परिजनों और रियल एस्टेट कंपनी हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (HSRL) के नाम पर पंजीकृत हैं।

100 करोड़ रुपए की जीएसटी धोखाधड़ी का है आरोप
62 वर्षीय आप नेता संजीव अरोड़ा को ईडी ने बीते 9 मई को लंबी छापेमारी और पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। आरोप है कि मोबाइल फोन की बिक्री और फर्जी निर्यात दिखाकर करीब 100 करोड़ रुपए की जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) धोखाधड़ी की गई। ईडी की जांच में सामने आया कि फर्जी इनवॉइस और बोगस कंपनियों (शेल कंपनियों) के जरिए अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ उठाया गया और धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) को अंजाम दिया गया।
फिलहाल हरियाणा की जेल में हैं बंद
संजीव अरोड़ा पंजाब सरकार में बिजली, उद्योग और वाणिज्य विभाग के मंत्री रह चुके हैं। गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उनके विभागों को दूसरे मंत्रियों को सौंप दिया था। जमानत याचिका खारिज होने के बाद संजीव अरोड़ा फिलहाल हरियाणा की एक जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।

- कुल कार्रवाई: ₹55.57 करोड़ की चल-अचल संपत्ति कुर्क।
- प्रमुख आरोपी: आप नेता और पंजाब के पूर्व उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा।
- आरोप का आधार: मोबाइल फोन ब्रिक्री व फर्जी एक्सपोर्ट के जरिए ₹100 करोड़ का जीएसटी घोटाला।
- लोकेशन: लुधियाना, गुरुग्राम और चंडीगढ़ में फैली हैं जब्त संपत्तियां।








