पठानकोट के वार्ड नंबर 33 में नारकीय जीवन जीने को मजबूर मोहल्ला वासी, सीवरेज ओवरफ्लो से मचा हाहाकार

पठानकोट : पठानकोट के वार्ड नंबर 33 (सैनी मोहल्ला, बजरी कंपनी) के निवासी पिछले कई सालों से बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासन की बेरुखी के कारण नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। मोहल्ले में सीवरेज का गंदा पानी गलियों, रास्तों और लोगों के घरों व खाली पड़े प्लॉटों में जमा हो चुका है, जिससे हर तरफ बदबू और गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है और उन्होंने प्रशासन व नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
10 सालों से जस की तस बनी है समस्या
मोहल्ला वासियों (मंजीत, सूरज व अन्य) का कहना है कि यह समस्या पिछले 8 से 10 सालों से लगातार बनी हुई है। बरसात तो दूर, बिना बरसात के भी सीवरेज का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर तैरता रहता है। हालात इतने बदतर हैं कि लोगों का घरों से बाहर निकलना, मंदिर जाना या बाजार जाना भी दूभर हो गया है। गंदे पानी के जमाव के कारण गलियों में काई जम चुकी है, जिससे आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।
“वोट मांगने आते हैं तो डायरी में नोट करते हैं, चुनाव के बाद सब सो जाते हैं” > स्थानीय निवासियों ने रोष जताते हुए कहा कि चुनाव के समय चाहे वह नगर निगम के एमसी (पार्षद) हों या हल्का इंचार्ज विभूति शर्मा, सभी चक्कर लगाते हैं, फोटो खिंचवाते हैं और डायरी में नाम-नंबर नोट कर बड़े-बड़े वादे करते हैं। लेकिन चुनाव खत्म होते ही कोई सुध लेने नहीं आता। महिलाओं ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा, “5 साल बाद जब ये वोट मांगने आते हैं, तो हमने साफ जवाब दिया था कि इतने सालों बाद अब क्यों आए हो? अगर इस बार समस्या का स्थाई समाधान नहीं हुआ, तो हम आने वाले विधानसभा या किसी भी चुनाव में किसी को वोट नहीं देंगे।”

पार्षद और नगर निगम पर लापरवाही के आरोप
वार्ड के लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर मौजूदा एमसी (पार्षद) राकेश कुमार (भाजपा) को कई बार शिकायत की गई और फोन पर भी संपर्क किया गया। लेकिन उनकी तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि नगर निगम और सफाई कर्मचारी यहां आकर केवल खानापूर्ति करते हैं और कभी-कभी तो सीवरेज की सफाई के नाम पर ईंटें निकाल कर और ज्यादा गंदगी फैला कर चले जाते हैं।

मकानों की नींव को खतरा, डीसी को सौंपेंगे नोटिस
मोहल्ले की एक महिला चंचल ने बताया कि उन्होंने 2-3 साल पहले ही पाई-पाई जोड़कर नया मकान बनाया था, लेकिन अब सीवरेज का गंदा पानी उनके प्लॉट और मकान की नींव में जमा हो रहा है, जिससे मकान के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। प्रशासनिक अनदेखी से तंग आकर मोहल्ला वासियों ने चेतावनी दी है कि वे खुद पैसे इकट्ठे करके इस समस्या का अस्थाई समाधान करने को मजबूर हैं। साथ ही, उन्होंने यह ऐलान किया है कि वे इस गंभीर मामले को लेकर सीधे पठानकोट के जिलाधीश (डीसी) से मुलाकात करेंगे और उन्हें एक मुख्य नोटिस सौंपकर स्थाई समाधान की मांग करेंगे।








