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शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए श्रीजल गुप्ता की बड़ी पहल, व्यापार मंडल ने दिया समर्थन

शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए श्रीजल गुप्ता की बड़ी पहल, व्यापार मंडल ने दिया समर्थन

पठानकोट में वॉशरूम और यूरिनल्स की हालत सुधारने के लिए उद्योगपति श्रीजल गुप्ता ने उठाया कदम; शहर के मुख्य बाजारों में बनाए जाएंगे नए यूरिनल्स।

पठानकोट ब्यूरो: शहर के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता और उद्योगपति श्रीजल गुप्ता ने पठानकोट को एक बड़ी सौगात देते हुए शहर में सार्वजनिक स्वच्छता और वॉशरूम की व्यवस्था को दुरुस्त करने का एक बड़ा ऐलान किया है। एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने शहरवासियों के सम्मान और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस मौके पर पठानकोट व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए उन्हें अपना पूर्ण सहयोग देने की घोषणा की है।

‘मेरा शहर, मेरा घर’: श्रीजल गुप्ता

​प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए श्रीजल गुप्ता ने कहा, “मैं हमेशा से मानता आया हूँ कि मेरा शहर मेरा घर है। घर की बिल्डिंग कितनी भी खूबसूरत क्यों न हो, अगर उसमें रहने वाले सदस्यों का मान-सम्मान और उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी न हों, तो उस खूबसूरती का कोई मोल नहीं रह जाता।”

​उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों के दौरान उन्होंने खुद शहर की सड़कों पर घूमकर एक विस्तृत सर्वे किया था। इस सर्वे में यह बात सामने आई कि पूरे शहर में केवल 14 से 15 सार्वजनिक वॉशरूम हैं। इनमें से अधिकांश या तो पूरी तरह से जर्जर और खस्ताहाल हैं या फिर उन पर ताला लटका हुआ है, जिसके कारण महिलाओं, बुजुर्गों और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

चौधरी प्यारे लाल पंप के पास हुई शुरुआत

​इस समस्या के समाधान के लिए श्रीजल गुप्ता ने अपनी निजी जेब से खर्च कर इस मुहिम की शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले चौधरी प्यारे लाल पंप के सामने स्थित वॉशरुम की पहचान कर वहां नए यूरिनल्स लगवाए गए हैं, शेड का निर्माण कराया गया है और नए दरवाजे लगवाकर उसे आम जनता के इस्तेमाल के लिए पूरी तरह तैयार किया गया है।

व्यापार मंडल ने की सराहना, रखरखाव पर उठाए सवाल

​इस मौके पर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने श्रीजल गुप्ता की इस सोच की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पठानकोट में कई समृद्ध लोग रहते हैं, लेकिन अपने शहर की बेहतरी के लिए निजी कोष से पैसा खर्च करना एक बहुत बड़ी और सराहनीय बात है।

​व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने कहा:

​”शहर के मुख्य बाजारों, जैसे गांधी चौक और अन्य प्रमुख चौकों पर, जहां हजारों की संख्या में लोग आते हैं, वहां एक भी ढंग का यूरिनल नहीं है। जो 14 वॉशरूम कागजों पर हैं, उनमें से केवल 3 ही चालू हालत में हैं, बाकी सब बंद पड़े हैं या वहां गंदगी का अंबार है।”

प्रशासन की जिम्मेदारी तय हो

​व्यापार मंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर से सैद्धांतिक मंजूरी (In-principle permission) ले ली है। अब व्यापार मंडल के सहयोग और गाइडलाइंस के अनुसार शहर के विभिन्न हिस्सों में नए यूरिनल्स लगाने की जगहों को चिन्हित किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यूरिनल्स लगाने के बाद उनका सही तरीके से रखरखाव (Maintenance) होना सबसे ज्यादा जरूरी है, और इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम व प्रशासन को लेनी चाहिए।

करोड़ों के बजट पर जनता की आरटीआई का जवाब नहीं

​प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थानीय नेताओं और प्रशासन के दावों पर भी तीखे सवाल उठाए गए। वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन और नेता बड़े-बड़े दावे करते हैं कि शहर के विकास के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट आया, लेकिन वह पैसा कहां एडजस्ट हो रहा है और किसकी जेब में जा रहा है, इसका किसी को पता नहीं है। जब जनता इस संबंध में आरटीआई (RTI) लगाती है, तो उसका भी सही जवाब नहीं दिया जाता।

Ami News
Author: Ami News

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