गन्ना किसानों का फूटा गुस्सा: भुगतान न होने पर 1 जुलाई से जम्मू-जालंधर नेशनल हाईवे अनिश्चितकाल के लिए होगा जाम

टांडा (उड़मुड़) पंजाब के गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर राज्य में एक बार फिर बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। दोआबा किसान समिति पंजाब ने सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए 1 जुलाई से उड़मुड़-टांडा में जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे को अनिश्चितकाल के लिए जाम करने का ऐलान किया है। किसानों के इस कदम से आने वाले दिनों में आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
30 मई की समयसीमा बीती, खातों में नहीं आया एक भी रुपया
दोआबा किसान समिति पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष जंगवीर सिंह चौहान ने बताया कि गन्ना किसानों के हक के लिए बीते 18 मई को जालंधर स्थित गन्ना विभाग के कार्यालय के बाहर एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया था। उस समय परियोजना अधिकारी और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया था कि 30 मई तक किसानों के खातों में 68.50 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कुल 142 करोड़ रुपये की बकाया राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।
”अधिकारियों के आश्वासन को एक महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि किसानों के खातों में अब तक एक भी रुपया नहीं पहुँचा है। सरकार और प्रशासन सिर्फ खोखले दावे कर रहे हैं।”
— जंगवीर सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष (दोआबा किसान समिति)

नया पोर्टल पूरी तरह विफल, आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान
किसान नेताओं का आरोप है कि विभाग द्वारा गन्ना भुगतान के लिए बनाया गया नया ऑनलाइन पोर्टल भी तकनीकी रूप से पूरी तरह विफल साबित हुआ है। एक तरफ जहाँ गन्ने की नई फसल लगभग तैयार होने को है, वहीं दूसरी तरफ किसानों को पिछली फसल का पैसा भी नसीब नहीं हुआ है। इसके चलते पंजाब के अन्नदाता गंभीर आर्थिक संकट (वित्तीय तंगी) से गुजर रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार मदद करने की बजाय उनका हक दबाकर बैठी है।

30 जून तक का अल्टीमेटम; अन्य सड़कें भी होंगी ठप
समिति ने पंजाब सरकार को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि 30 जून तक किसानों के खातों में 68.50 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 142 करोड़ रुपये की राशि जमा नहीं की गई, तो 1 जुलाई से उग्र आंदोलन शुरू होगा।
- 1 जुलाई से चक्का जाम: उड़मुड़-टांडा के पास जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे को पूरी तरह ठप किया जाएगा।
- अनिश्चितकालीन धरना: जब तक मांग पूरी नहीं होती, हाईवे खाली नहीं किया जाएगा।
- पंजाबव्यापी आंदोलन की चेतावनी: किसान नेताओं ने साफ किया कि यदि जरूरत पड़ी तो पंजाब की अन्य मुख्य सड़कों और हाईवे को भी जाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और प्रशासन की होगी।








