गुरदासपुर में बड़ा हादसा: अपर बारी दोआब नहर टूटी, 40 फीट चौड़े कटाव से घरों और खेतों में घुसा पानी
नुकसान: रात 3 बजे अचानक रिहाइशी इलाकों में भरा पानी; हाल ही में लगाई गई धान की फसल पूरी तरह बर्बाद, लाखों के नुकसान की आशंका।
मांग: ग्रामीणों और किसानों ने पंजाब सरकार से की तुरंत सर्वे और उचित मुआवजे की मांग।

गुरदासपुर : पंजाब सरकार की ओर से प्रदेश की नहरों को मजबूत करने और सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के बड़े-बड़े दावों के बीच गुरदासपुर जिले से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। यहाँ सठियाली हेड वर्क्स के पास अपर बारी दोआब नहर में एक बड़ा कटाव हो गया है। नहर में करीब 40 फीट से अधिक चौड़ा कट लगने के कारण लाखों गैलन पानी आसपास के घरों, खेतों और रिहायशी इलाकों में फैल गया, जिससे स्थानीय लोगों और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
रात 3 बजे चीख-पुकार, कमरों में भरा पानी
प्रत्यक्षदर्शियों और नहर विश्राम गृह में रह रहे प्रवासी मजदूरों के अनुसार, यह हादसा देर रात करीब 3 बजे हुआ। मजदूरों ने बताया कि वे सो रहे थे कि अचानक कमरों में पानी भरना शुरू हो गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, नहर का तेज बहाव श्री हरगोबिंदपुर-गुरदासपुर मार्ग को पार करता हुआ आसपास के घरों और खेतों में जा घुसा।
घटना की जानकारी मिलते ही सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। प्रभावित निवासी तरसेम सिंह और सुरजीत सिंह ने रुंधे गले से बताया कि घरों में पानी घुसने के कारण खाने के लिए रखी गेहूं, घरेलू सामान और अन्य कीमती वस्तुएं पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। नुकसान का सटीक आकलन अभी मुमकिन नहीं है, लेकिन यह आंकड़ा लाखों रुपये में है।

धान की फसल डूबी, दोबारा बिजाई का संकट
इस आपदा ने क्षेत्र के किसानों की कमर तोड़ दी है। कुछ ही दिन पहले किसानों ने भारी लागत लगाकर धान की पौध (पनीरी) लगाई थी, जो अब पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है। किसानों का कहना है कि इस फसल के बचने की उम्मीद न के बराबर है। उनके सामने सबसे बड़ी चिंता यह है कि दोबारा बिजाई के लिए न तो उनके पास अब धान की पौध बची है और न ही वित्तीय संसाधन।
“हमारा सब कुछ बर्बाद हो गया। सरकार तुरंत विशेष गिरदावरी (सर्वे) करवाकर हमें मुआवजा दे और नहरों की मरम्मत के स्थायी इंतजाम करे ताकि भविष्य में ऐसा दोबारा न हो।” > — प्रभावित किसान एवं ग्रामीण

मशीनें तैनात, पर बहाव रोके नहीं रुक रहा
घटना की सूचना मिलते ही नहरी विभाग की टीम मौके पर पहुँची। एक निजी ठेकेदार की भारी पोकलेन मशीनों की मदद से नहर के 40 फीट चौड़े कटाव को बंद करने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया है। हालांकि, नहर में पानी का बहाव लगातार तेज होने के कारण प्रशासनिक अमले और तकनीकी टीम को मरम्मत कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले पर जब नहरी विभाग के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फिलहाल कोई भी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया।
प्रमुख माँगें:
- तुरंत सर्वे: जिला प्रशासन जल्द से जल्द प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का सही आकलन करे।
- उचित मुआवजा: पीड़ित परिवारों को घरेलू सामान और किसानों को फसल की बर्बादी का उचित मुआवजा दिया जाए।
- स्थायी समाधान: कागजी दावों से अलग हटकर नहरों के किनारों को स्थायी रूप से मजबूत किया जाए।








