रूसी हवाई रक्षा प्रणाली ने रातभर में मार गिराए 555 यूक्रेनी ड्रोन, मॉस्को की तेल रिफाइनरी पर हमला; हवाई अड्डे ठप
युद्ध के चौथे साल में यूक्रेन का अब तक का सबसे बड़ा पलटवार; मॉस्को के 4 हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोका गया

नई दिल्ली/मॉस्को रूस-यूक्रेन युद्ध के चार साल बीत जाने के बाद भी दोनों देशों के बीच तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। यूक्रेन ने एक बार फिर रूसी राजधानी मॉस्को को दहलाने की कोशिश करते हुए अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया है। यूक्रेनी ड्रोनों ने मॉस्को स्थित एक प्रमुख तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया, जिससे पूरी राजधानी में हड़कंप मच गया और सुरक्षा कारणों से मॉस्को के हवाई अड्डों पर वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन ठप करना पड़ा।

## मंत्रालय का दावा: आसमान में ही ढेर किए गए ड्रोन
रूस के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर दावा किया कि उसकी उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों (Air Defense Systems) ने रातभर में यूक्रेन द्वारा दागे गए रिकॉर्ड 555 ड्रोनों को नष्ट कर दिया। मंत्रालय के मुताबिक:
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- नष्ट किए गए ड्रोनों में से लगभग 200 ड्रोन अकेले मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे।
- वायु सेना और रक्षा प्रणालियों ने इन ड्रोनों को मॉस्को की सीमा में घुसने से पहले रास्ते में ही मार गिराया।
मेयर का बयान: मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन (Sergei Sobyanin) ने पुष्टि की कि राजधानी के दक्षिण-पूर्वी बाहरी क्षेत्र में स्थित ‘मॉस्को तेल रिफाइनरी’ पर कई ड्रोन गिरे। हालांकि, उन्होंने राहत जताते हुए कहा कि तत्काल किसी बड़े नुकसान या जानमाल के हताहत होने की सूचना नहीं है।

## यात्री परेशान: चारों प्रमुख हवाई अड्डे बंद
रूसी परिवहन मंत्रालय के अनुसार, इस भीषण हवाई हमले के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मॉस्को के चार प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। इस अचानक आए ठहराव के कारण:
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- घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर सीधा असर पड़ा।
- सैकड़ों यात्रियों को हवाई अड्डों पर फंसना पड़ा और भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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### रणनीतिक विश्लेषण: रूस की ‘कमर तोड़ने’ की नीति
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में यूक्रेन ने अपनी रणनीति बदली है। अब वह सीधे रूस के भीतर स्थित तेल भंडारण केंद्रों, रिफाइनरियों, सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहा है।
- उद्देश्य: रूस की ऊर्जा आपूर्ति (Energy Supply) को ठप करना और उसकी युद्ध क्षमता को आर्थिक रूप से कमजोर करना।
- बदलता रुख: हालांकि रूस दावा कर रहा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली अधिकांश हमलों को नाकाम कर रही है, लेकिन मॉस्को जैसे सुरक्षित माने जाने वाले शहरों पर बार-बार होते ये हमले दर्शाते हैं कि युद्ध अब सीमाओं से निकलकर रूस के दिल तक पहुंच चुका है।








