पठानकोट बस स्टैंड: भीषण गर्मी में सुलग रहे यात्री, मूलभूत सुविधाओं का अकाल

पठानकोट: इन दिनों पूरे उत्तर भारत सहित पठानकोट में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। दोपहर के समय आसमान से आग बरस रही है और पारा 40^\circ\text{C} के पार पहुंच चुका है. ऐसी चिलचिलाती धूप और उमस भरे मौसम में यात्रियों को राहत देने के बजाय, पठानकोट का मुख्य बस स्टैंड खुद अव्यवस्था के आंसू रो रहा है. यहाँ आने वाले यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं के अकाल से दो-चार होना पड़ रहा है.

शोभा की वस्तु बने पंखे, उमस से बेहाल जनता
पठानकोट बस स्टैंड का सबसे व्यस्ततम हिस्सा, जहाँ हर समय यात्रियों की भारी भीड़ रहती है, इस समय भट्टी की तरह तप रहा है. यात्रियों की सुविधा के लिए यहाँ दर्जनों पंखे लगाए तो गए हैं, लेकिन देखरेख के अभाव में इनमें से अधिकतम पंखे बंद पड़े हैं. पूरे परिसर में इक्का-दुक्का पंखे ही चलते हुए दिखाई देते हैं, जो इस भीषण गर्मी में ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं.
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और राजस्थान जैसे अलग-अलग राज्यों से आने वाले सैकड़ों यात्री यहाँ उमस और चिलचिलाती गर्मी से बेहाल होकर इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं.
सिस्टम की नाकामी पर जनता में भारी रोष
बस स्टैंड पर उतरे यात्रियों ने प्रशासन के खिलाफ अपना कड़ा रोष व्यक्त किया है. यात्रियों का कहना है कि इतने बड़े और महत्वपूर्ण डिपो में पीने के पानी और हवा जैसी बुनियादी सुविधाओं का न होना सीधे तौर पर सिस्टम की नाकामी को दर्शाता है. बार-बार शिकायत के बाद भी इन पंखों को ठीक करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है.
बड़ा सवाल: आखिर कब जागेगा बस डिपो प्रशासन?
न्यूज़ एजेंसी ‘एएमआई न्यूज़’ की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान यह साफ देखा गया कि बस स्टैंड के अलग-अलग कोनों में लगे सभी पंखे पूरी तरह ठप हैं. ऐसे में बस डिपो के अधिकारियों पर यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि आखिर इस भीषण गर्मी में आम जनता को इतनी छोटी सी सुविधा देने में भी हमारा सिस्टम क्यों लाचार है? क्या अधिकारियों को यात्रियों की इस परेशानी से कोई सरोकार नहीं है?

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