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AMI News Exclusive: विकास के दावों के बीच ‘डंपिंग ज़ोन’ बना पठानकोट का प्रसिद्ध खड्डी पुल

पठानकोट का ‘खड्डी पुल’ बना गंदगी का तालाब, प्रशासन की लापरवाही और जन-जागरूकता की कमी से फूटा लोगों का गुस्सा

पठानकोट: शहर का प्रसिद्ध ‘खड्डी पुल’ और खानपुर चौक के समीप का इलाका इन दिनों विकास की जगह विनाश और बीमारी का केंद्र बनता जा रहा है। स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही और आम जनता की कम होती जागरूकता के कारण यह पूरा क्षेत्र ‘डंपिंग जोन’ (कूड़े का ढेर) में तब्दील हो चुका है। खड्डी पुल के नीचे बहने वाला पानी अब पानी नहीं, बल्कि गंदगी और प्रदूषण का एक ऐसा तालाब बन चुका है जिससे उठने वाली सड़ांध ने स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना मुहाल कर दिया है।

​बेसहारा पशु और बीमारियों को खुला निमंत्रण

​ग्राउंड जीरो से मिली रिपोर्ट के अनुसार, इस गंदे और दूषित पानी में बेसहारा पशु नहाने और वही पानी पीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी दूषित पानी के संपर्क में आने वाले पशुओं का दूध बाद में आम जनता तक पहुंचता है, जो सीधे तौर पर मानव स्वास्थ्य के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है। वर्तमान में बच्चों की गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं, लेकिन स्थानीय निवासियों को डर है कि जब बच्चे वापस आएंगे, तो हवा में फैला यह प्रदूषण और मच्छरों का प्रकोप (डेंगू, मलेरिया) उन्हें गंभीर रूप से बीमार कर देगा।

​युवाओं में रोष: एचआईवी और एड्स जैसी गंभीर बीमारियों का जताया डर

​स्थानीय युवाओं (नीरज और उनके साथियों) ने बातचीत में अपना भारी आक्रोश व्यक्त किया। युवाओं का कहना है,

​”हम बचपन से इस खड्डी पुल की यही दुर्दशा देखते आ रहे हैं। प्रशासन सिर्फ बड़े-बड़े वादे करता है कि यह पुल बनाएंगे, वो विकास करेंगे, लेकिन जमीन पर हकीकत ‘जीरो’ है। यहाँ लगे कूड़े के ढेर और मच्छरों के कारण डेंगू तो आम बात है, गंदगी के इस माहौल से संक्रमण इतना बढ़ सकता है कि एचआईवी/एड्स जैसी घातक बीमारियां भी पैर पसार सकती हैं।”

​युवाओं ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे इस ओर विशेष ध्यान दें। पास में ही स्कूल, कॉलेज और रिहायशी इलाके हैं, जिसके कारण शाम के समय लोग अपने बच्चों को बाहर हवा खिलाने तक नहीं ला सकते।

​प्रशासन के साथ-साथ जनता भी जिम्मेदार

​सड़क के किनारे फैले इस कूड़े के लिए केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि स्थानीय जनता भी उतनी ही जिम्मेदार है। लोग घरों का कचरा डंपिंग ग्राउंड में फेंकने की बजाय सीधे सड़क किनारे या पुल के पास फेंक देते हैं। यदि लोग स्वयं जागरूक नहीं होंगे, तो पठानकोट को ‘डंपिंग जोन’ कहलाने से कोई नहीं रोक सकता। राहगीर यहाँ से अपनी नाक बंद करके गुजरने को मजबूर हैं।

​मुख्य मांगें:

  • ​खड्डी पुल और खानपुर चौक के पास से कूड़े के ढेरों को तुरंत साफ किया जाए।
  • ​इस गंदे पानी की समस्या का कोई स्थाई समाधान निकाला जाए या इसे हमेशा के लिए बंद किया जाए।
  • ​सड़क किनारे कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त चालान की कार्रवाई हो।
Ami News
Author: Ami News

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