शौर्य व बलिदानों से भरा है पंजाब पुलिस का गौरवशाली इतिहास: एस.पी मनोज ठाकुर

पठानकोट :(22 अक्तूबर) : ‘पुलिस स्मृति दिवस’ के उपलक्ष्य में राष्ट्र की बलिवेदी पर प्राणों की आहुति देने वाले पैरा मिलट्री फोर्स व पुलिस के जवानों के बलिदान को को नमन करने के लिए देश भर में श्रद्धांजलि समारोहों का आयोजन कर देश के वीर सपूतों के बलिदान को एक सुर में याद किया गया। इसी कड़ी में स्थानीय एस.एस.पी कार्यालय में पंजाब पुलिस के शहीद जवानों की स्मृति में एस.पी (डी) मनोज कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया जिसमें जिले के 12 शहीद परिवारों के अलावा शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंद्र सिंह विक्की, पुलिस वेल्फेयर एसोसिएशन के जिला प्रधान रिटायर्ड डी.एस.पी गुरदयाल सिंह सैनी, एस.पी हेडक्वार्टर राजिंदर शर्मा, एस.पी पी.बी.आई सुखविंदर पाल सिंह, डी.एस.पी सिटी जगदीश राज अत्री, डी एस.पी धार लखविंदर सिंह, डी.एस.पी अमनदीप सोंधी, डी.एस.पी सुखवीर कोंडल, डी.एस.पी अंजू बाला, लोक संपर्क अधिकारी राम लुभाया के अलावा विभिन्न थाना प्रभारियों ने विशेष तौर पर शामिल होकर पंजाब पुलिस जवानों के बलिदान को नमन किया। सर्वप्रथम डी.एस.पी जगदीश राज अत्री के नेतृत्व में पंजाब पुलिस की टुकड़ी ने शस्त्र उल्टे कर बिगुल की गौरवशाली धुन के साथ शहीद जवानों को सलामी दी तथा एस.पी मनोज ठाकुर व अन्य पुलिस अधिकारियों ने बलिदानी जवानों के चित्र समक्ष ज्योति प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का आगाज किया तथा इसके उपरांत एस.पी मनोज ठाकुर अन्य पुलिस अधिकारियों, थाना प्रभारियों, शहीद परिवारों व समाज सेवक डा. राजिंदर शर्मा ने शहीदों के यादगिरी स्तंभ के समक्ष रीथ चढ़ा व पुष्पांजलि अर्पित कर पंजाब पुलिस के अमर वीरों के बलिदान को सैल्यूट किया।

कार्यक्रम के आरंभ में डी.एस.पी अमनदीप सोंधी ने राष्ट्र की सुरक्षा में अपना बलिदान देने वाले देश भर के पैरा मिलिट्री फोर्स व पुलिस जवानों के नाम सबको पढ़ कर सुनाए।
श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए एस.पी मनोज ठाकुर ने कहा कि पंजाब पुलिस का गौरवशाली इतिहास शौर्य, त्याग व बलिदानों से भरा पड़ा है जिसने देश की अंदरुनी व बाहरी सुरक्षा के लिए हमेशा आगे बढक़र अपने प्राणों की आहुति देकर देश की एकता व अखंडता को बरकरार रखा है। उन्होंने कहा कि पंजाब में जब आतंक के काले बादल मंडरा रहे थे तो उस समय भी पंजाब पुलिस के जवानों व अधिकारियों ने अपने अदम्य साहस का परिचय देकर आतंकवाद की कमर तोड़ते हुए अपनी शहादतें देकर राज्य में अमन, शांति कायम की थी। एस.पी ठाकुर ने कहा देश पर मर मिटने वाले इन शौर्यवीरों को हम वापिस तो नहीं ला सकते लेकिन इन अमर वीरों यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी कि हम इनके पद चिन्हों पर चलते हुए इनके परिजनों का दुख दर्द बांट कर उनकी हर समस्या को प्राथमिक तौर पर हल करते हुए इनके जिगर के टुकड़ों की शहादत की गरिमा को बहाल रखें। उन्होंने 21 अक्तूबर के दिन का इतिहास बताते हुए कहा कि 21 अक्तूबर 1959 को जम्मू कश्मीर के लद्दाख सेक्टर के हॉट स्परिंग क्षेत्र में भारत-चीन बॉर्डर पर सी.आर.पी.एफ के दस जवानों की पैट्रोलिंग चल रही थी तो चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश की जिसे इन जवानों ने विफल कर दिया तथा चीनी सैनिकों का बहादुरी से मुकाबला करते हुए अपना बलिदान दे दिया उस दिन के बाद उन बलिदानी सैनिकों तथा उस घटना के बाद आज तक जितने भी पुलिस व पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान इस देश की एकता व अखंडता को बरकरार रखने हेतु बलिदान हुए उनकी याद में हर साल यह श्रद्धांजलि समारोह ‘पुलिस स्मृति दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद के दौरान पंजाब पुलिस के 1 ए.डी.जी.पी, 2 डी.आई.जी, 3 एस.एस.पी, 5 एस.पी, 12 डी.एस.पी, 32 इंस्पेक्टर, 112 सब इंस्पेक्टर, 12 ए.एस.आई, 169 हेड कांस्टेबल, 817 कांस्टेबल, 3 एल/सी.टी, 280 एस.पी.ओ, 297 पी.एच.जी तथा 7 दर्जा चार कर्मचारी शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस शहीद परिवारों के मान-सम्मान को बहाल रखने व उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने हेतु बचनबद्ध है।
मुसीबत में भगवान के बाद पुलिस को याद करते हैं देशवासी: कुंवर विक्की
परिषद के महासचिव कुंवर रविंद्र सिंह विक्की ने कहा कि जब भी कोई त्योहार आता है तो हमारी पुलिस के जवानों की ड्यूटी और भी सख्त हो जाती है ताकि देशवासी हंसी खुशी अपने त्योहार मना पाएं उन्होंने कहा कि हर सरकारी कार्यालय शाम 5 वजे के बाद बंद हो जाता है मगर हमारी सरहदों व थानों में कभी ताला नहीं लगता हमारे जवान दिन रात तनदेही से ड्यूटी निभाते हैं। कुंवर विक्की ने कहा कि जब भी लोग मुसीबत में होते हैं तो भगवान के बाद पुलिस को ही याद करते हैं ताकि वो उसे मुसीबत से छुटकारा दिला सके। उन्होंने कहा कि दीनानगर पुलिस स्टेशन पर हुआ आतंकी हमला देश के लिए एक चुनौती था जिसे स्वीकार करते हुए पंजाब पुलिस के जवानों ने बिना सेना की सहायता से फिदायीन आतंकियों को मारकर जिस वीरता का इतिहास रचा उसके समक्ष देश नतमस्तक है। देश की बलिवेदी पर अपने घरों के चिराग कुर्बान करने वाले यह शहीद परिवार देश की अमूल्य धरोहर हैं इस लिए हम सब का फर्ज बनता है कि दिल से इन परिवारों का सम्मान कर इनके हौसलों को बुलंद रखें।
मिट जाते हैं वो देश जो नहीं रखते अपने शहीदों को याद: डी.एस.पी सैनी
रिटायर्ड डी एस.पी गुरदयाल सिंह सैनी ने कहा कि बलिदानी सैनिकों की स्मृति में आयोजित ऐसे श्रद्धांजलि समारोहों में शामिल होने से शहीद परिवारों का मनोबल बढ़ता है तथा जिला पुलिस द्वारा इस समारोह का आयोजन कर अपने जवानों के बलिदान को जिंदा रखने का सराहनीय कार्य किया है क्योंकि जो देश अपने शहीदों को भुला देता उसका अस्तित्व जल्दी समाप्त हो जाता है। इस मौके पर एस.पी मनोज ठाकुर ने शहीद परिवारों की समस्याओं को सुनते हुए उन्हें हल करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में मंच संचालक का दायित्व डी.पी.आर.ओ राम लुभाया ने बाखूबी निभाया। इस मौके पर मुख्यातिथि एस.पी मनोज ठाकुर द्वारा 12 शहीद परिवारों को शाल, उपहार तथा 21-21 सौ रुपए की आर्थिक सहायता के चेक भेंट कर सम्मानित किया गया वहीं दीनानगर पुलिस स्टेशन पर हुए आतंकी हमले में शहीद होने वाले होमगार्ड के जवान बोधराज के बच्चों को पढ़ाई के लिए वजीफे के रूप 18 हजार रुपए की राशि उनके बैंक खाते में डाली गई।

इन शहीद जवानों के परिवार हुए सम्मानित
कांस्टेबल रमेश चंद्र, ए.एस.आई कुलदीप सिंह, ए.एस.आई नरेश कुमार, हेड कांस्टेबल हरभजन सिंह, कांस्टेबल प्रेम सिंह, कांस्टेबल स्वर्ण दास, पी.एच.जी देस राज, कांस्टेबल रत्नजीत सिंह, पी.एच.जी बोधराज, एस.पी.ओ मोहिंदर पाल, पी.एच.जी सुखदेव सिंह, एस.पी.ओ जागीर सिंह।








