जिया ग्राम पंचायत में भीषण अग्निकांड: तीन परिवार बेघर, लाखों का नुकसान
शॉर्ट सर्किट से लगी आग; विधायक आशीष बुटेल और जिप सदस्य नवी ठाकुर ने की तुरंत आर्थिक मदद

पालमपुर/कांगड़ा, 8 जून: ग्राम पंचायत जिया में रविवार को एक दिल दहला देने वाला भीषण अग्निकांड सामने आया, जिसने देखते ही देखते तीन परिवारों को खुले आसमान के नीचे लाकर खड़ा कर दिया। इस हादसे में लाखों रुपए की संपत्ति जलकर राख हो गई है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।
कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को अचानक एक घर से धुएं और आग की ऊंची लपटें उठती देख पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी और खुद भी राहत कार्य में जुट गए। मौके पर पहुंची अग्निशमन विभाग की टीम और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, जब तक आग शांत हुई, तब तक प्रभावित घरों में रखा अधिकांश घरेलू सामान, कीमती फर्नीचर, नकदी और अन्य जरूरी दस्तावेज पूरी तरह नष्ट हो चुके थे।
नेताओं ने बंधाया ढाँढस, दी फौरी राहत
”सरकार और प्रशासन इस दुख की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं। पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।”
— आशीष बुटेल, विधायक (पालमपुर)

घटना की सूचना मिलते ही पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल और जिला परिषद सदस्य नवी ठाकुर तुरंत स्थिति का जायजा लेने मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों—रमेश चंद, राजो राम और बबलू—से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और उनकी समस्याएं सुनीं। विधायक ने प्रभावितों की दर्दनाक स्थिति को देखते हुए मौके पर ही उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता (फौरी राहत) प्रदान की और प्रशासन को उचित मुआवजे के निर्देश दिए।

गणेश घाटी सुरंग के पास जंगल में भड़की आग, वन संपदा स्वाहा
कांगड़ा: कांगड़ा के समीप गणेश घाटी सुरंग के पास रविवार को अचानक जंगल में आग लग गई। सूखी पत्तियों और तेज हवा के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे क्षेत्र की बेशकीमती वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है।
हैरानी की बात यह रही कि इस बड़े हादसे की जानकारी दमकल विभाग को समय पर नहीं मिल सकी। इस संबंध में अग्निशमन विभाग के अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि विभाग को इस आगजनी के बारे में समय पर कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई थी, जिसके चलते राहत कार्य समय पर शुरू नहीं किया जा सका। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत विभाग को दें।








