बाल सुरक्षा यूनिट की कार्रवाई – अब भीख नहीं, शिक्षा की ओर बढ़ेंगे बच्चे

पठानकोट :(21 अक्टूबर) पठानकोट में भीख मांगने वाले बच्चों पर लगाम लगाने के लिए जिला बाल सुरक्षा यूनिट ने एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया है। यह कार्रवाई ‘जीवन ज्योत’ योजना के तहत की जा रही है। जिला बाल सुरक्षा यूनिट की एक अधिकारी ने बताया कि यह कोई नई मुहिम नहीं है, बल्कि पहले भी बैगर रेड (भिखारी विरोधी छापा) अभियान चलाए जा चुके हैं।

अभियान के तहत जिले में भीख मांगते पाए गए बच्चों को पकड़कर पहले तो सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता है।
”अगर बच्चे चेतावनी के बाद भी नहीं मानते हैं, तो उन्हें पकड़कर पहले एक अस्थायी शेल्टर में ले जाया जाता है। यह अस्थायी शेल्टर अक्सर सखी वन-स्टॉप सेंटर होता है,” उन्होंने बताया।
पकड़े गए बच्चों के माता-पिता को बुलाया जाता है। अगर माता-पिता बच्चे का आधार कार्ड और स्कूल से लिखा हुआ प्रमाण दिखा देते हैं कि उनका बच्चा स्कूल जाता है, तो बच्चे को चेतावनी देकर उनके सुपुर्द कर दिया जाता है।
हालांकि, कुछ मामलों में, अगर माता-पिता का आधार कार्ड बच्चे के दस्तावेजों से मैच नहीं होता या वे उचित पहचान साबित नहीं कर पाते, तो आगे की कार्रवाई के रूप में डीएनए टेस्ट भी कराए जाते हैं। और
त्योहारों का सीजन होने के कारण आजकल सड़कों पर भीख मांगने वाले बच्चों की संख्या में काफी वृद्धि देखने को मिल रही है। यूनिट इस स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयासरत है।

यह अभियान बच्चों को भीख मांगने जैसे कार्यों से दूर कर शिक्षा और सुरक्षित जीवन की ओर ले जाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।








