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दरिंदगी पर कोर्ट का कड़ा प्रहार: ऊना की विशेष अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों को सुनाई 22-22 वर्ष की कठोर कैद

ऊना की विशेष अदालत का ऐतिहासिक फैसला: नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को 22-22 वर्ष का कठोर कारावास

  • मामला: वर्ष 2024 में 16 वर्षीय छात्रा के साथ हुई थी दरिंदगी।
  • सजा: कोर्ट ने सुनाया 22-22 साल की जेल और 50-50 हजार रुपये जुर्माने का फैसला।
  • कार्रवाई: पोक्सो (POCSO) एक्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सिद्ध हुआ दोष।

विशेष संवाददाता, ऊना हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले की एक विशेष अदालत ने नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर मामले में एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है। सेशन स्पेशल जज नरेश ठाकुर की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों दोषियों को 22-22 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों अपराधियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषियों को दो-दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

धार्मिक स्थल ले जाकर पिलाई शराब, कार की डिक्की में मिली थी पीड़िता

​यह दर्दनाक मामला वर्ष 2024 का है। 16 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया था कि उसकी पहचान जालंधर (पंजाब) निवासी सन्नी उर्फ गुरप्रीत से हुई थी। 26 मई 2024 को गुरप्रीत और उसका साथी कार्तिक पीड़िता को स्कूटी पर एक धार्मिक स्थल ले गए। वहाँ आरोपियों ने छात्रा को जबरन शराब पिलाई और नशे की हालत का फायदा उठाकर उसके साथ बार-बार दरिंदगी की।

​अगली सुबह जब पीड़िता को होश आया, तो उसने खुद को एक कार की डिक्की में बंद पाया। किसी तरह छात्रा ने तुरंत अपने परिजनों को इस बात की सूचना दी, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

मेडिकल और वैज्ञानिक साक्ष्यों ने पुख्ता किया मामला

​शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्परता दिखाई और आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 376-डी और पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया। पीड़िता की मेडिकल जांच में भी वारदात की पुष्टि हुई थी।

अदालत में 18 गवाहों ने दर्ज कराए बयान > इस संवेदनशील मामले की पैरवी अभियोजन पक्ष की ओर से जिला न्यायवादी एकलव्य ने की। उन्होंने अदालत के समक्ष पीड़िता का पक्ष बेहद प्रभावी ढंग से रखा। सुनवाई के दौरान कुल 18 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। जिला न्यायवादी ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और पुख्ता गवाहों के आधार पर दोनों आरोपियों का अपराध अदालत में सिद्ध किया, जिसके बाद कोर्ट ने यह सख्त फैसला सुनाया।

Ami News
Author: Ami News

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