लापता बेटी की FIR के लिए मांग रहा था घूस, ASI को विजिलेंस ने 14 हजार लेते रंगे हाथों दबोचा
कानून के रखवाले ही बने भक्षक; थाना डिवीजन नंबर 8 में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप

लुधियाना : भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए विजिलेंस ब्यूरो ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कानून के रखवाले ही जब भक्षक बन जाएं, तो आम आदमी कहाँ जाए, इसका एक बेहद शर्मनाक उदाहरण थाना डिवीजन नंबर 8 में देखने को मिला। यहाँ तैनात एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) को विजिलेंस की टीम ने एक मजबूर पिता से उसकी लापता बेटी की रिपोर्ट दर्ज करने के नाम पर हजारों रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। विजिलेंस की इस अचानक हुई कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

बेबस पिता से मांगी थी 14,000 रुपये की रिश्वत
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई हैबोवाल कलां के रहने वाले राम ईश्वर की लिखित शिकायत पर अमल में लाई गई है। पीड़ित राम ईश्वर ने विजिलेंस को दिए अपने बयानों में बताया कि उनकी बेटी अचानक लापता हो गई थी, जिसकी तलाश और कानूनी रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए वह लगातार पुलिस स्टेशन के चक्कर काट रहे थे।
लेकिन थाने में तैनात ए.एस.आई. हरदीप सिंह उनकी मदद करने और कानूनी फर्ज निभाने की बजाय मामले को लटका रहा था। आरोप है कि एएसआई ने लापता लड़की की एफ.आई.आर. दर्ज करने और आगे की तफ्तीश शुरू करने के बदले में पीड़ित पिता के सामने 14,000 रुपये की रिश्वत की मोटी मांग रख दी।
“बेटी लापता थी और पुलिस मदद के बजाय सौदेबाजी कर रही थी। मैं रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए मैंने विजिलेंस से संपर्क किया।” > — राम ईश्वर (पीड़ित पिता)

विजिलेंस ने बिछाया जाल, रंगे हाथों दबोचा
बेबस पिता रिश्वतखोर अधिकारी को पैसे नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने हिम्मत जुटाकर सीधे विजिलेंस ब्यूरो का दरवाजा खटखटाया। शिकायत की सत्यता की जांच करने के बाद विजिलेंस की टीम ने तुरंत जाल बिछाया।
तय रणनीति के तहत जैसे ही पीड़ित राम ईश्वर ने आरोपी ए.एस.आई. हरदीप सिंह को रिश्वत के 14,000 रुपये थमाए, वैसे ही पहले से घात लगाकर बैठी विजिलेंस की विशेष टीम ने दबिश दे दी। टीम ने आरोपी अधिकारी को मौके पर ही रंगे हाथों काबू कर लिया और उसके पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली।
भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी एएसआई हरदीप सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून (विजिलेंस एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस विभाग में इस कार्रवाई के बाद से सन्नाटा पसरा हुआ है। विजिलेंस टीम द्वारा आरोपी से आगे की गहन पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस रैकेट में कोई और भी शामिल था।








