हाईवे पर मलबे और हाई बीम लाइट का कहर: पानीपत-अमृतसर NH-44 पर ट्रक हादसा, बाल-बाल बचा चालक
मलबे पर चढ़ा ट्रक, निर्माण एजेंसी की लापरवाही आई सामने; स्थानीय लोगों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

पानीपत/अमृतसर: पानीपत से अमृतसर जाने वाले नेशनल हाईवे-44 (NH-44) पर बीती रात करीब 3 बजे एक दर्दनाक ट्रक हादसा हो गया। यह हादसा हाईवे पर चल रहे निर्माण कार्य के मलबे और सामने से आ रही एक कार की तेज रोशनी (हाई बीम लाइट) के कारण हुआ। गनीमत यह रही कि ट्रक की रफ्तार कम होने की वजह से चालक सुरक्षित है और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई, हालांकि ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
अचानक आंखों के सामने आया अंधेरा
पीड़ित ट्रक चालक ने बताया कि रात के समय वह NH-44 से गुजर रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही एक कार की तेज व्हाइट लाइट (हाई बीम) अचानक उसकी आंखों पर पड़ी। रोशनी इतनी तेज थी कि कुछ क्षणों के लिए चालक को सड़क पर दिखना पूरी तरह बंद हो गया। इसी बीच हाईवे पर चल रहे निर्माण कार्य का मलबा और सामग्री बीच रास्ते में पड़ी थी, जिस पर अनियंत्रित होकर ट्रक चढ़ गया और पलटते-पलटते बचा।

हादसे की वजह और मांग
- लापरवाही: हाईवे पर निर्माण कार्य खत्म होने के बाद भी मलबे को रास्ते से नहीं हटाया गया था।
- अंधाधुंध रोशनी: सामने से आ रही कार की तेज व्हाइट लाइट ने ड्राइवर को कुछ पल के लिए अंधा कर दिया।
- सुरक्षा मानकों की कमी: निर्माण स्थल के पास न तो कोई रिफ्लेक्टर था और न ही कोई चेतावनी बोर्ड।
- मांग: चालक और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मलबे को तुरंत हटाने और ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन और निर्माण एजेंसी से अपील
हादसे के बाद ट्रक चालक ने सड़क निर्माण कार्य कर रही एजेंसी और स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है। चालक का कहना है कि:
”निर्माण कार्य समाप्त होने के तुरंत बाद सड़क पर पड़े मलबे को हटाया जाना चाहिए। हाईवे पर इस तरह मलबा छोड़ना किसी भी समय बड़े और जानलेवा हादसे को दावत दे सकता है।”

स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने भी हाईवे अथॉरिटी और निर्माण एजेंसी के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। लोगों का कहना है कि रात के समय हाईवे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। निर्माण स्थल के आसपास पर्याप्त चेतावनी संकेतक (Signboards), रिफ्लेक्टर और सुरक्षा बैरियर लगाए जाने अनिवार्य हैं, ताकि रात में सफर करने वाले वाहन चालकों को दूर से ही खतरे का अंदाजा हो सके। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है।








