23 मई 2026 आज का खास दिन
इतिहास, आस्था और वैश्विक पटल पर 23 मई का महत्व
23 मई 2026, शनिवार का दिन राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और धार्मिक तीनों ही दृष्टिकोणों से बेहद खास है। वैश्विक मंच पर जहां आज का दिन सिनेमा और गंभीर स्वास्थ्य व पर्यावरण चेतना को समर्पित है, वहीं हिंदू सनातन परंपरा में आज महाशक्ति की आराधना का महापर्व है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आज की तारीख देश-दुनिया और ज्योतिषीय गणना के लिहाज से क्यों इतनी महत्वपूर्ण है।
अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय संदर्भ: सिनेमा का महाकुंभ और वैश्विक जागरूकता
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आज का दिन बेहद हलचल भरा और महत्वपूर्ण संदेशों से युक्त है।
1. कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 का भव्य समापन
सिनेमाई दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित मंच, ‘कांस फिल्म फेस्टिवल 2026’ (Cannes Film Festival) आज 23 मई को फ्रांस के तटीय शहर कांस में अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। आज ही इस महोत्सव के सबसे बड़े पुरस्कार ‘पाम डियोर’ (Palme d’Or) के विजेताओं की घोषणा की जाएगी। इस बार ‘फादरलैंड’ (Fatherland) और ‘हॉप’ (Hope) जैसी फिल्मों के बीच कड़ा मुकाबला है, जिस पर पूरी दुनिया के फिल्म समीक्षकों की नजरें टिकी हुई हैं।
2. विश्व कछुआ दिवस (World Turtle Day)
पर्यावरण और जैव विविधता के लिहाज से आज ‘विश्व कछुआ दिवस’ मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य दुनिया भर में तेजी से लुप्त हो रहे कछुओं और उनके प्राकृतिक आवासों को संरक्षित करने के लिए लोगों को जागरूक करना है। भारत के तटीय क्षेत्रों में भी कछुओं के संरक्षण को लेकर आज विशेष जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
3. प्रसूति फिस्टुला की समाप्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस (International Day to End Obstetric Fistula)
संयुक्त राष्ट्र (UN) के तत्वावधान में आज महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े एक गंभीर मुद्दे ‘ऑब्स्टेट्रिक फिस्टुला’ (Obstetric Fistula) को समाप्त करने का अंतरराष्ट्रीय दिवस है। यह दिन विकासशील देशों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और प्रसव के दौरान महिलाओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने की वकालत करता है।

धार्मिक दृष्टि: अधिक मास की ‘मासिक दुर्गाष्टमी’ का पावन संयोग
धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से आज का दिन बेहद पवित्र माना जा रहा है। इस वर्ष तिथियों के विशेष चक्र के कारण ज्येष्ठ महीने में ‘अधिक मास’ का प्रभाव बना हुआ है।
- मासिक दुर्गाष्टमी: आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है, जिसे ‘मासिक दुर्गाष्टमी’ के रूप में मनाया जा रहा है। अधिक मास में आने के कारण इस दुर्गाष्टमी का महत्व दोगुना हो गया है।
- मां दुर्गा की आराधना: आज के दिन श्रद्धालु व्रत रखकर शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि आज के दिन सच्चे मन से की गई पूजा से जीवन के सभी कष्ट और आर्थिक संकट दूर हो जाते हैं।
- शनिदेव की कृपा: शनिवार का दिन होने के कारण आज दुर्गाष्टमी के साथ-साथ शनिदेव को प्रसन्न करने का भी उत्तम संयोग है। आज शाम के समय मुख्य द्वार या पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना अत्यंत फलदायी माना गया है।
आज का पंचांग: शुभ-अशुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति
आज की ज्योतिषीय गणना और ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
- विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी शक संवत – 1948)
- मास व पक्ष: ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष
- तिथि: अष्टमी (24 मई, प्रातः 04:27 बजे तक, इसके बाद नवमी तिथि)
- वार: शनिवार
- नक्षत्र: मघा नक्षत्र (रात 02:09 बजे तक, इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र)
- योग: ध्रुव योग (प्रातः 06:14 बजे तक, इसके बाद व्याघात और रात्रि में रवि योग का संयोग)
- करण: विष्टि (भद्रा) शाम 04:40 बजे तक, इसके बाद बव करण।
- सूर्य और चंद्र की स्थिति: सूर्यदेव वर्तमान में वृषभ राशि में हैं। वहीं चंद्रदेव आज सिंह राशि में विराजमान रहेंगे।
- सूर्योदय: प्रातः 05:26 बजे
- सूर्यास्त: सायं 07:10 बजे

आज के शुभ मुहूर्त (काम शुरू करने का समय)
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:51 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक (यह किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने का सबसे उत्तम समय है)।
- अमृत काल: रात्रि 11:45 बजे से मध्यरात्रि 01:21 बजे (24 मई) तक।
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:04 बजे से 04:45 बजे तक।
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:08 बजे से शाम 07:29 बजे तक।
आज के अशुभ मुहूर्त (इस समय शुभ कार्यों से बचें)
- राहुकाल: सुबह 08:52 बजे से सुबह 10:35 बजे तक (इस काल में नए या मांगलिक कार्य शुरू नहीं करने चाहिए)।
- यमगंड: दोपहर 02:01 बजे से दोपहर 03:44 बजे तक।
- भद्रा काल: सुबह 05:26 बजे से शाम 04:40 बजे तक (भद्रा के दौरान भी शुभ कार्यों की मनाही होती है)।
- दिशाशूल: पूर्व दिशा (आज के दिन पूर्व दिशा में लंबी यात्रा करने से बचना चाहिए, यदि आवश्यक हो तो अदरक या घी खाकर निकलें)।









