चुनावों में खपाने के लिए रखी ₹करोड़ों की अवैध शराब जब्त, आबकारी विभाग की अब तक की सबसे बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
अमृतसर-जालंधर रेंज के डिप्टी कमिश्नर की गुप्त रणनीति पर एक्शन; बंद दुकानों के ताले तोड़कर निकाली 2,070 पेटियां

जालंधर/अमृतसर: आबकारी विभाग ने अवैध शराब के काले कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की एक विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करते हुए भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी और विदेशी शराब की खेप बरामद की है। पकड़ी गई खेप में कुल 2,070 पेटियां शामिल हैं। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 5 वर्षों के भीतर आबकारी विभाग द्वारा की गई यह अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी है।
प्राथमिक जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इस बेहद महंगी और विदेशी शराब का इस्तेमाल आगामी नगर पालिका चुनावों के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने और उन्हें बांटने के लिए किया जाना था। विभाग ने इस मामले में दो बड़े शराब तस्करों को नामजद किया है, जिनकी पहचान रोहित तेली और भिंडर (उपनाम) के रूप में हुई है। पुलिस दोनों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

## गुप्त सूचना पर जालंधर रेंज के डिप्टी कमिश्नर ने बुना जाल
इस महा-ऑपरेशन की पृष्ठभूमि अमृतसर-जालंधर रेंज के आबकारी डिप्टी कमिश्नर सुरेंद्र कुमार गर्ग को मिले एक पुख्ता इनपुट से तैयार हुई। उन्हें सूचना मिली थी कि अमृतसर रेंज के अंतर्गत आते खलचियां से खडूर साहब रोड पर स्थित कुछ बंद पड़ी दुकानों में भारी मात्रा में महंगी अंग्रेजी और विदेशी शराब छिपाकर रखी गई है। इनपुट इतना सटीक था कि यदि बिना समय गंवाए तुरंत कार्रवाई की जाती, तो एक बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश हो सकता था।

## दुकानों के ताले तोड़े तो उड़ गए होश
सहायक कमिश्नर (अमृतसर रेंज) दिलबाग सिंह चीमा ने बताया कि शनिवार सुबह जैसे ही यह इनपुट मिला, बिना वक्त गंवाए एक उच्च स्तरीय विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में:
- ललित कुमार (जिला आबकारी अधिकारी, अमृतसर 1/2)
- रण बहादुर (आबकारी इंस्पैक्टर)
- हरजीत सिंह (आबकारी इंस्पैक्टर) को शामिल किया गया।
कार्रवाई को बिना किसी बाधा के पूरा करने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन का सहयोग लिया गया। खलचियां के एस.एच.ओ. (SHO) अपनी पूरी पुलिस टीम के साथ इस संयुक्त ऑपरेशन में शामिल हुए।
“जब संयुक्त टीम मौके पर पहुंची, तो दुकानें बाहर से पूरी तरह बंद थीं। अधिकारियों की मौजूदगी में जब दुकानों के ताले तोड़े गए, तो अंदर का नजारा देखकर पूरी टीम दंग रह गई। कमरों में नीचे से लेकर छत तक सिर्फ महंगी शराब की पेटियां ही पेटियां नजर आ रही थीं।”
— दिलबाग सिंह चीमा, सहायक कमिश्नर (आबकारी)

- ऐतिहासिक बरामदगी: पिछले 5 सालों में आबकारी विभाग का सबसे बड़ा और सफल ऑपरेशन।
- चुनावी कनेक्शन: नगर पालिका चुनावों में वोटरों को लुभाने के लिए डंप की गई थी विदेशी शराब।
- रैकेट बेनकाब: तस्कर रोहित तेली और भिंडर के खिलाफ केस दर्ज, तलाश जारी।
- संयुक्त कार्रवाई: आबकारी विभाग और खलचियां पुलिस ने मिलकर तोड़े बंद दुकानों के ताले।
विभाग अब इस बात की कड़ाई से जांच कर रहा है कि इतनी बड़ी तादाद में विदेशी शराब पंजाब में कहां से लाई गई थी और इस सिंडिकेट के पीछे और कौन-से बड़े चेहरे शामिल हैं।








