हिमाचल में बिजली का झटका: 10 व्यावसायिक श्रेणियों पर लगा ₹1 प्रति यूनिट अतिरिक्त उपकर

शिमला: प्रदेश सरकार ने राजस्व बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य की 10 प्रमुख व्यावसायिक श्रेणियों पर बिजली बिल के साथ अतिरिक्त उपकर (Cess) लगाने का निर्णय लिया है। बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा विभाग द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार, अब इन क्षेत्रों को प्रति यूनिट 1 रुपये अतिरिक्त चुकाना होगा।
इन 10 श्रेणियों पर पड़ेगा असर
सरकार ने ‘हिमाचल प्रदेश इलैक्ट्रीसिटी (ड्यूटी) एक्ट, 2009’ की धारा 3-बी का उपयोग करते हुए निम्नलिखित क्षेत्रों को नए दायरे में शामिल किया है:
- बिजनैस हाऊस और प्राइवेट ऑफिस
- प्राइवेट अस्पताल और नर्सिंग होम
- होटल और शॉपिंग मॉल्स
- पैट्रोल पंप
- प्राइवेट रिसर्च संस्थान
- प्राइवेट कोचिंग संस्थान
- मल्टीप्लैक्स (सिनेमाघर)

तत्काल प्रभाव से लागू हुए आदेश
सचिव (एमपीपी एवं पावर) राकेश कंवर द्वारा जारी इस अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय ‘जनहित’ में लिया गया है। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) को निर्देश दे दिए गए हैं कि वे तत्काल प्रभाव से इन निर्धारित दरों पर उपभोक्ताओं से उपकर वसूलना शुरू करें।
“राजस्व वृद्धि की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। बिजली बोर्ड को नई दरों के अनुसार वसूली के आदेश जारी कर दिए गए हैं।”
— अधिसूचना अंश

आम जनता की जेब पर पड़ेगा सीधा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा:
- महंगा इलाज और प्रवास: निजी अस्पतालों पर अतिरिक्त भार पड़ने से इलाज के खर्च और होटलों में रूम रेंट बढ़ने की पूरी संभावना है।
- शिक्षा और मनोरंजन: प्राइवेट कोचिंग सेंटरों की फीस और मल्टीप्लैक्स की टिकट दरों में बढ़ोतरी हो सकती है।
- संचालन लागत: बिजनैस हाऊस और मॉल्स की बढ़ती संचालन लागत का भार अंततः उपभोक्ताओं पर ही स्थानांतरित होने की आशंका है।

व्यावसायिक संगठनों में सुगबुगाहट
सरकार के इस औचक फैसले के बाद प्रदेश के व्यावसायिक संगठनों में खलबली मच गई है। आने वाले दिनों में होटलियर्स एसोसिएशन, निजी अस्पताल संचालकों और अन्य व्यापारिक गुटों की प्रतिक्रिया देखने वाली होगी। माना जा रहा है कि कई संगठन इस अतिरिक्त बोझ के विरोध में लामबंद हो सकते हैं।








