गुरदासपुर: स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, पनीर और दूध के 11 सैंपल भरे
कैल्शियम कार्बाइड से फल पकाने वाले दुकानदारों को सख्त चेतावनी, लापरवाही पर होगी जेल

गुरदासपुर : डिप्टी कमिश्नर गुरदासपुर और सिविल सर्जन के दिशा-निर्देशों पर जिला स्वास्थ्य विभाग की फूड सेफ्टी टीम ने मिलावटखोरों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। असिस्टेंट कमिश्नर (फूड) डॉ. जी.एस. पन्नू के नेतृत्व में टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पनीर बनाने और बेचने वाली दुकानों पर औचक छापेमारी की।

11 सैंपल लैब भेजे गए
छापेमारी के दौरान टीम ने पनीर और दूध की गुणवत्ता की जांच की। इस कार्रवाई में कुल 11 सैंपल लिए गए, जिनमें से 10 पनीर के और 1 दूध का सैंपल शामिल है। फूड सेफ्टी ऑफिसर रेखा शर्मा और सिमरत कौर ने मौके पर पनीर निर्माण इकाइयों की गहन चेकिंग की। अधिकारियों ने बताया कि इन सैंपलों को जांच के लिए स्टेट फूड टेस्टिंग लैब भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फलों को पकाने के लिए ‘जहर’ का इस्तेमाल न करें
चेकिंग के दौरान टीम ने फल विक्रेताओं को भी सख्त निर्देश दिए। डॉ. जी.एस. पन्नू ने दुकानदारों को जागरूक करते हुए कहा:
”कैल्शियम कार्बाइड जैसे रसायनों से फल पकाना सेहत के लिए अत्यंत हानिकारक और जानलेवा हो सकता है। कोई भी दुकानदार फलों को कृत्रिम तरीके से न पकाए। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ फूड सेफ्टी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

दुकानदारों के लिए मुख्य निर्देश:
- लाइसेंस अनिवार्य: सभी फूड वेंडर्स और दुकानदारों को फूड सेफ्टी नियमों के तहत रजिस्ट्रेशन कराने या लाइसेंस लेने के निर्देश दिए गए।
- सड़े-गले फल नष्ट करें: ज्यादा पके या खराब हो चुके फलों को तुरंत नष्ट करने को कहा गया ताकि बीमारियां न फैलें।
- गुणवत्ता से समझौता नहीं: डॉ. पन्नू ने स्पष्ट किया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य आम जनता को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।
सतत जारी रहेगी चेकिंग:
स्वास्थ्य विभाग ने साफ कर दिया है कि यह अभियान केवल एक दिन के लिए नहीं है। आने वाले दिनों में भी खाने-पीने की चीजों की चेकिंग का काम लगातार जारी रहेगा ताकि मिलावटखोरी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।








