पंजाब विजिलेंस के डायरेक्टर के रीडर पर CBI का शिकंजा; बिचौलिया राघव गोयल 13 लाख की रिश्वत के साथ गिरफ्तार

मलोट/चंडीगढ़: पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हड़कंप मचा दिया है। चंडीगढ़ CBI की टीम ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के डायरेक्टर एस.एस. चौहान के रीडर ओ.पी. राणा और एक बिचौलिए राघव गोयल के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस मामले में CBI ने मलोट निवासी राघव गोयल को चंडीगढ़ के एक होटल से 13 लाख रुपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जबकि ओ.पी. राणा मौके से फरार होने में कामयाब रहा।
मलोट में आधी रात तक चली 4 घंटे की सर्च
सोमवार रात CBI चंडीगढ़ के डीएसपी पवित्र सिंह के नेतृत्व में एक टीम मलोट के वाटर वर्क्स रोड स्थित कृष्णा कॉलोनी में राघव गोयल के घर पहुंची। देर रात 1 बजे तक चली इस तलाशी के दौरान टीम ने:
- 5 लाख रुपये से अधिक का कैश बरामद किया।
- कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलें अपने कब्जे में लीं।
- सुरक्षा के मद्देनजर सिटी मलोट पुलिस के इंस्पेक्टर वरुण यादव मौजूद रहे, लेकिन जांच की गोपनीयता बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस को घर से दूर रखा गया।

क्या है पूरा मामला?
यह कार्रवाई 11 मई को दर्ज FIR नंबर 12/26 (भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम) के तहत की गई है। जानकारी के अनुसार, श्री मुक्तसर साहिब जिले के एक अधिकारी के खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच को रफा-दफा करने के लिए डील तय हुई थी।
CBI ने जाल बिछाकर चंडीगढ़ के एक होटल में दबिश दी, जहाँ बिचौलिया राघव गोयल रिश्वत की रकम ले रहा था। मौके पर राघव के पिता विकास गोयल को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। CBI ने विजिलेंस मुख्यालय में ओ.पी. राणा के कमरे की भी तलाशी ली है।

रसूखदार है आरोपी राघव गोयल
30 वर्षीय राघव गोयल मलोट के ठेकेदार विकास गोयल (विक्की) का बेटा है और पंजाब के प्रशासनिक व राजनीतिक गलियारों में गहरी पैठ रखता है।
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- पारिवारिक संबंध: राघव एक पूर्व आईपीएस अधिकारी का रिश्तेदार है।
- राजनीतिक रसूख: उसे बादल परिवार के एक बड़े नेता और पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल का करीबी बताया जाता है।
- अधिकारियों से साठगांठ: हाल ही में गिरफ्तार हुए डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर मामले की तरह, राघव के भी विजिलेंस डायरेक्टर समेत कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के साथ सीधे संबंध होने की बात सामने आ रही है।

सतर्कता विभाग में खलबली
विजिलेंस ब्यूरो, जो खुद भ्रष्टाचार पर लगाम कसता है, उसके ही डायरेक्टर के रीडर का नाम रिश्वत कांड में आने से विभाग की साख पर सवाल खड़े हो गए हैं। CBI अब फरार ओ.पी. राणा की तलाश में छापेमारी कर रही है।








