कुदरत का कहर: हिमाचल में आसमानी बिजली और तूफान से भारी तबाही, 17 मई तक अलर्ट

शिमला/कुल्लू/मंडी: हिमाचल प्रदेश में सोमवार तड़के कुदरत ने रौद्र रूप दिखाया। भारी बारिश, आकाशीय बिजली और करीब 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं ने पूरे प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस आपदा में दो लोगों की जान चली गई, जबकि दर्जनों मवेशी काल के गाल में समा गए।

प्रमुख घटनाएं और नुकसान
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- कुल्लू (बंजार): घालिंचा, घरयाल और कंडी गांवों में 5 घरों और 10 गौशालाओं की छतें उड़ गईं। जलोरी दर्रे पर पेड़ गिरने से मार्ग अवरुद्ध रहा।
- मंडी (सुंदरनगर): आकाशीय बिजली गिरने से दर्जनों मवेशियों की मौत हो गई। कई वाहन पेड़ों की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुए।
- कांगड़ा (वृंदावन): बिजली की खराबी ठीक करते समय अचानक सप्लाई बहाल होने से एक लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई।
- शिमला: तेज हवाओं से कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, जिससे बिजली की लाइनें टूट गईं।
दुखद समाचार: कुल्लू जिले के नग्गर (खरोहल गांव) में बिजली गिरने से नेपाल मूल के व्यक्ति बालकृष्ण की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हैं।

हवाओं की रफ्तार और बारिश का आंकड़ा
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में मध्यम बारिश दर्ज की गई। हवाओं का सबसे ज्यादा असर निम्नलिखित क्षेत्रों में रहा:
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- सुंदरनगर, सेओबाग, बिलासपुर: 57 से 65 किमी/घंटा की रफ्तार।
- गरज-चमक: शिमला, जोत, मुरारी देवी, भुंतर और जुब्बरहट्टी में भारी गर्जना देखी गई।
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अगले 5 दिनों का पूर्वानुमान (12-17 मई)
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, राज्य में 16 मई तक बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहेगा।
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तिथि |
पूर्वानुमान |
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12-13 मई |
अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और हिमपात। |
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14-16 मई |
कुछ क्षेत्रों में मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी। |
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15 मई |
नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होगा, जिससे मौसम और बिगड़ेगा। |
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17 मई |
छिटपुट स्थानों पर बारिश की संभावना। |

प्रशासन की अपील:
स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने पर्यटकों व स्थानीय लोगों को नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ियों से दूर रहने की सलाह दी है। बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।








