सावधान! बच्चों को बीमारियों से बचाने वाली 2 वैक्सीन के सैंपल फेल, CDL कसौली ने जारी किया अलर्ट

देशभर के बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी एक चिंताजनक खबर सामने आई है। नन्हे बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए इस्तेमाल होने वाली दो महत्वपूर्ण वैक्सीन—न्यूमोकोकल और पेंटावैलेंट—के सैंपल जांच में फेल हो गए हैं। केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला (CDL), कसौली ने इन वैक्सीन को ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ (NSQ) यानी घटिया मानक की श्रेणी में रखते हुए देशभर में अलर्ट जारी कर दिया है।
फील्ड से उठाए गए थे सैंपल
हैरानी की बात यह है कि ये सैंपल सीधे फील्ड (टीकाकरण केंद्रों या अस्पतालों) से उठाए गए थे। यानी ये वैक्सीन पहले से ही सप्लाई चेन का हिस्सा थीं। जब CDL कसौली में इनकी गहन जांच की गई, तो ये निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरीं। जांच रिपोर्ट में इनके फेल होने के पीछे ‘फिजिकल आस्पेक्ट्स’ (भौतिक पहलुओं) की कमी को मुख्य कारण बताया गया है।

इन बीमारियों का खतरा बढ़ा
जिन दो टीकों के सैंपल फेल हुए हैं, वे बच्चों के लिए सुरक्षा कवच माने जाते हैं:
- न्यूमोकोकल वैक्सीन: यह बच्चों को निमोनिया जैसी जानलेवा बीमारी से बचाती है।
- पेंटावैलेंट वैक्सीन: यह एक ‘5-इन-1’ टीका है, जो बच्चों को काली खांसी, हेपेटाइटिस-बी, दिमागी बुखार (Hib), टिटनस और डिप्थीरिया जैसी पांच गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है।

- जांच एजेंसी: केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला (CDL), कसौली।
- फेल होने का कारण: फिजिकल आस्पेक्ट्स (भौतिक मानक) में कमी।
- श्रेणी: ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ (NSQ)।
- कार्रवाई: CDL ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर रिपोर्ट अपलोड कर सरकारों को सूचित कर दिया है।
क्या होती है कार्रवाई?
नियमों के मुताबिक, किसी भी वैक्सीन या दवा को बाजार में उतारने या सरकारी सप्लाई में भेजने से पहले CDL में उसका परीक्षण अनिवार्य है। सैंपल फेल होने की स्थिति में संबंधित बैच को तुरंत वापस मंगाया जाता है और निर्माता कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई व जुर्माना लगाया जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय: वैक्सीन का फिजिकल आस्पेक्ट फेल होने का मतलब है कि उसके रखरखाव, तापमान या मिश्रण में कोई बड़ी खामी रही है, जिससे टीके का असर खत्म हो सकता है या इसके दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

संबंधित विभाग ने राज्य सरकारों और टीकाकरण प्रभारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं ताकि इन खराब बैच के टीकों का उपयोग न हो सके।








