जालंधर BSF ब्लास्ट मामला: नवांशहर से तीन युवक हिरासत में, जांच एजेंसियां खंगाल रही हैं ‘लोकल कनेक्शन’
मोहाली ले जाकर पूछताछ जारी; पकड़े गए युवकों में से दो पेट्रोल पंप कर्मचारी, एक का हाल ही में हुआ था विवाह

नवांशहर/जालंधर : जालंधर स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) मुख्यालय के बाहर हुए भीषण आईईडी (IED) ब्लास्ट मामले में पुलिस और जांच एजेंसियों के हाथ बड़ी सफलता लगती दिख रही है। पुलिस ने इस मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए नवांशहर जिले के एक गांव से तीन युवकों को हिरासत में लिया है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर पुलिस ने अभी तक इस गिरफ्तारी या भूमिका की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार तीनों को पूछताछ के लिए मोहाली ले जाया गया है।

पेट्रोल पंप से उठा ले गई पुलिस
जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए युवकों में से दो सूंढ स्थित एक पेट्रोल पंप पर काम करते थे। इनमें से एक युवक का विवाह महज एक माह पहले हुआ था और वह बेहद गरीब परिवार से संबंध रखता है। बताया जा रहा है कि उसका घर भी एक एनआरआई (NRI) की मदद से बना था। वहीं, दूसरा युवक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। तीसरे युवक, जिसकी पहचान लखविंदर के रूप में हुई है, उसे उसके परिवार ने ग्रामीणों की सलाह पर खुद पुलिस के हवाले किया, जब पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए पेश होने को कहा।
इलाके में दहशत, चर्चाओं का बाजार गर्म
पुलिस की इस अचानक कार्रवाई के बाद गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि ये युवक साधारण पृष्ठभूमि के हैं, लेकिन इनके कथित लिंक सामने आने की चर्चा ने सबको चौंका दिया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन युवकों का इस्तेमाल लॉजिस्टिक्स या रेकी (Recce) के लिए किया गया था।

क्या था मामला? (फ्लैशबैक)
- धमाका: मंगलवार रात करीब 8 बजे जालंधर BSF हेडक्वार्टर के गेट के पास एक एक्टिवा में जोरदार धमाका हुआ।
- साजिश: CCTV फुटेज से खुलासा हुआ कि एक अज्ञात व्यक्ति डिलीवरी बॉय की एक्टिवा पर पैकेट रखकर बस स्टैंड की ओर भागा और कुछ ही सेकंड में ब्लास्ट हो गया।
- जांच: पहले इसे सामान्य धमाका माना गया, लेकिन अगले दिन सीपी धनप्रीत कौर ने फॉरेंसिक जांच के आधार पर इसे IED ब्लास्ट करार दिया।
- एजेंसियां: मामले की गंभीरता को देखते हुए DGP गौरव यादव के साथ NIA और केंद्रीय फॉरेंसिक टीमों ने मौके का मुआयना किया था।

डिलीवरी बॉय को मिली क्लीन चिट
शुरुआती जांच में पुलिस ने एक्टिवा सवार डिलीवरी बॉय गुरप्रीत को हिरासत में लिया था, लेकिन लंबी पूछताछ और उसकी पृष्ठभूमि (BSF के पूर्व जवान का बेटा) की जांच के बाद उसे क्लीन चिट दे दी गई है। अब पुलिस की सुई नवांशहर से पकड़े गए इन तीन युवकों पर टिकी है।
“मामले की गहन जांच की जा रही है। संदिग्धों से पूछताछ जारी है, फिलहाल किसी की भूमिका पर आधिकारिक पुष्टि करना जल्दबाजी होगी।”
— पुलिस विभाग (अपुष्ट सूत्र)








