कांगड़ा पुलिस का नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक: क्लीनिक की आड़ में चल रहे प्रतिबंधित दवाओं के धंधे का भंडाफोड़

कांगड़ा/योल : हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में कांगड़ा पुलिस की एक विशेष टीम ने 53 मील से योल मार्ग पर स्थित एक क्लीनिक पर छापा मारकर प्रतिबंधित दवाइयों के अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से 1268 प्रतिबंधित कैप्सूल और टैबलेट बरामद किए हैं।
क्लीनिक की आड़ में परोसा जा रहा था जहर
जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ‘स्किन एंड ऑर्थो क्लीनिक’ की आड़ में नशे का अवैध कारोबार किया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से क्लीनिक पर अचानक दबिश दी। तलाशी के दौरान पुलिस भी दंग रह गई जब वहां से भारी मात्रा में नशीली दवाइयां बरामद हुईं।

पंजाब का रहने वाला है आरोपी
पुलिस ने इस मामले में क्लीनिक संचालक को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान 43 वर्षीय अनिल कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पंजाब के गुरदासपुर जिले के बरहमपुर गांव का निवासी है। जब पुलिस ने आरोपी से इन दवाइयों के भंडारण या बिक्री से संबंधित वैध लाइसेंस और दस्तावेज मांगे, तो वह कोई भी कागज पेश नहीं कर सका।
पुलिस की कार्रवाई और आगामी जांच
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस के मुख्य बिंदु:
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- कुल बरामदगी: 1268 प्रतिबंधित कैप्सूल/टैबलेट।
- स्थान: 53 मील से योल मार्ग स्थित स्किन एंड ऑर्थो क्लीनिक।
- आगामी जांच: पुलिस अब इस बात की कड़ाई से पूछताछ कर रही है कि:
- यह दवाइयां कहां से सप्लाई की जा रही थीं?
- इस अवैध नेटवर्क में पंजाब और हिमाचल के और कौन से लोग शामिल हैं?
- आरोपी किन-किन लोगों को यह नशा बेच रहा था?
अधिकारियों का संदेश:
कांगड़ा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्लीनिक या मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहे ऐसे धंधों पर पुलिस की पैनी नजर है और आने वाले दिनों में और भी बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।








