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नौहराधार में भारी शोक, खड्ड में डूबने से दो मासूम भाइयों की मौत; मूक-बधिर भाई को बचाने के लिए कूदा था दूसरा।

नौहराधार: खड्ड में डूबे दो मासूम भाई, एक साथ बुझ गए घर के दो चिराग

दिल दहला देने वाला हादसा: मूक-बधिर भाई को बचाने खड्ड में कूदा बड़ा भाई, दोनों की मौत; देवामानल गांव में पसरा मातम

नौहराधार (राजगढ़):सिरमौर जिले की नौहराधार तहसील के देवामानल गांव में गुरुवार को एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब दो सगे भाइयों की खड्ड में डूबने से मौत हो गई। 8 वर्षीय आयन और 9 वर्षीय अभिनव, जो सुबह तक घर के आंगन में चहक रहे थे, अब हमेशा के लिए खामोश हो गए हैं।

पिता की नजर हटते ही हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 11 बजे दोनों बच्चे अपने पिता प्रवीण कुमार के साथ पशु चराने गए थे। इसी दौरान कुछ बकरियां चरते हुए दूर निकल गईं। पिता उन्हें वापस लाने के लिए करीब 300 मीटर दूर चले गए। जब वे वापस लौटे तो दोनों बच्चे वहां नहीं थे। बदहवास पिता ने जब पास की खड्ड में देखा तो दोनों मासूम पानी में अचेत पड़े थे। ग्रामीणों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

भाई के प्रेम की मार्मिक मिसाल

ग्रामीणों ने बताया कि बड़ा भाई अभिनव बोलने और सुनने में असमर्थ (दिव्यांग) था, लेकिन वह बेहद समझदार और छोटे भाई आयन से गहरा लगाव रखता था। आशंका जताई जा रही है कि खड्ड के पास खेलते समय जब एक भाई का पैर फिसला, तो दूसरे ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने के लिए छलांग लगा दी। किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और दोनों भाई एक-दूसरे का हाथ थामे मौत की आगोश में सो गए।

प्रशासन ने दी फौरी राहत

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। नौहराधार के तहसीलदार विनोद कुमार ने बताया कि प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। सरकार की ओर से परिजनों को 25-25 हजार रुपये की फौरी राहत राशि प्रदान की गई है।

गांव में नहीं जला चूल्हा, नम आंखों से दी विदाई

राजगढ़ सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों मासूमों के शव गांव पहुंचे, तो कोहराम मच गया। मां ललिता देवी और पिता प्रवीण कुमार का रो-रोकर बुरा हाल है। दादा-दादी की आंखों के आंसू नहीं थम रहे। शाम को जब दोनों भाइयों को एक साथ अंतिम विदाई दी गई, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंख नम थी। इस दुखद घटना के बाद पूरे देवामानल गांव में मातम छाया हुआ है और किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला।

Ami News
Author: Ami News

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