लुधियाना: खराब खाना परोसने पर KFC को झटका, उपभोक्ता आयोग ने ठोंका 25,000 का जुर्माना

लुधियाना: शहर के एक मशहूर फास्ट फूड आउटलेट में खाना खाकर बीमार हुए उपभोक्ता के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने विश्व प्रसिद्ध फास्ट फूड चेन KFC के एक आउटलेट को ‘फूड पॉयजनिंग’ (Food Poisoning) और सेवाओं में कमी का दोषी पाते हुए पीड़ित को 25,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
क्या था पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, एक ग्राहक ने लुधियाना स्थित KFC आउटलेट से हॉट विंग्स, कोल्ड ड्रिंक और फ्राइज ऑर्डर किए थे। भोजन करने के कुछ ही समय बाद ग्राहक की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे उल्टी और पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि यह फूड पॉयजनिंग का मामला है।
तबीयत ठीक होने के बाद पीड़ित ने आउटलेट प्रबंधन से शिकायत की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने न्याय के लिए जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का दरवाजा खटखटाया।
आयोग की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान उपभोक्ता आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। आयोग ने पाया कि शिकायतकर्ता द्वारा पेश किए गए साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट इस ओर इशारा करते हैं कि आउटलेट द्वारा परोसे गए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं थी।
“उपभोक्ताओं को सुरक्षित, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराना किसी भी खाद्य संस्थान की बुनियादी जिम्मेदारी है। इस मामले में गुणवत्ता की अनदेखी की गई है, जिससे उपभोक्ता के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा।” — उपभोक्ता आयोग

फैसले के मुख्य बिंदु:
- मुआवजा: आयोग ने KFC आउटलेट को आदेश दिया कि वह पीड़ित को मानसिक उत्पीड़न और स्वास्थ्य हानि के बदले 25,000 रुपये का हर्जाना अदा करे।
- सेवा में कमी: आउटलेट को ‘डेफिशिएंसी इन सर्विस’ (Deficiency in Service) का दोषी माना गया।
- नसीहत: आयोग ने स्पष्ट किया कि ब्रांड के नाम के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है।

उपभोक्ताओं के लिए संदेश
इस फैसले को उपभोक्ता अधिकारों की जीत के रूप में देखा जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी भी रेस्टोरेंट या फूड चेन में खाने की गुणवत्ता खराब पाई जाती है, तो उपभोक्ता को बिल और मेडिकल रिपोर्ट के साथ आयोग में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।








