पंजाब की सियासत में ‘महासंग्राम’: राघव चड्ढा आज राष्ट्रपति मुर्मू से करेंगे मुलाकात
पार्टी छोड़ने के बाद ‘आप’ और भाजपा के बीच तकरार तेज; सरकारी तंत्र के दुरुपयोग की करेंगे शिकायत

आम आदमी पार्टी (AAP) का दामन छोड़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा आज (5 मई) सुबह 11 बजे राष्ट्रपति भवन में महामहिम द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। हालिया दलबदल के बाद पंजाब की राजनीति में आए भूचाल के बीच इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।
तीन अन्य सांसद भी रहेंगे मौजूद
सूत्रों के मुताबिक, चड्ढा अकेले राष्ट्रपति से नहीं मिलेंगे; उनके साथ तीन अन्य सांसद भी इस शिष्टमंडल का हिस्सा होंगे। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब पंजाब में ‘आप’ और बागी नेताओं के बीच संघर्ष सड़कों पर उतर आया है।
इन मुख्य मुद्दों पर होगी चर्चा:
राष्ट्रपति के साथ होने वाली इस चर्चा के केंद्र में पंजाब की वर्तमान राजनीतिक और कानून-व्यवस्था की स्थिति रहेगी। चड्ढा निम्नलिखित बिंदुओं पर राष्ट्रपति का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं:
-
- सरकारी तंत्र का दुरुपयोग: आरोप है कि पंजाब सरकार पुलिस और प्रशासन का उपयोग राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को दबाने के लिए कर रही है।
- बदले की भावना से कार्रवाई: भाजपा का दावा है कि जो नेता ‘आप’ छोड़ रहे हैं, उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
- नेताओं की सुरक्षा: पार्टी छोड़ने वाले नेताओं के घरों के बाहर हो रहे हिंसक प्रदर्शनों और असुरक्षा के माहौल पर भी रिपोर्ट सौंपी जा सकती है।
“पंजाब में लोकतंत्र की मर्यादा को ताक पर रखकर सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल डराने-धमकाने के लिए किया जा रहा है। हम इस तानाशाही के खिलाफ राष्ट्रपति जी से हस्तक्षेप की मांग करेंगे।”
— सूत्रों के हवाले से भाजपा खेमे का पक्ष

सियासी हलचल: हरभजन सिंह के घर के बाहर लिखा ‘गद्दार’
जिक्रयोग्य है कि हाल ही में राघव चड्ढा और दिग्गज क्रिकेटर हरभजन सिंह समेत ‘आप’ के 7 सांसदों के भाजपा में शामिल होने से राज्य की सियासत गरमा गई है। इस दलबदल के बाद पंजाब के विभिन्न हिस्सों में रोष प्रदर्शन देखे गए। विशेष रूप से, जालंधर में हरभजन सिंह के आवास के बाहर अज्ञात लोगों द्वारा ‘गद्दार’ लिखे जाने के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

आज की बैठक पर टिकी हैं सबकी नजरें
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राघव चड्ढा की यह मुलाकात पंजाब में राष्ट्रपति शासन की मांग की ओर एक कदम हो सकती है या फिर केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा। बहरहाल, सुबह 11 बजे होने वाली इस बैठक के बाद आने वाले बयानों पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।








