इंसाफ की आस में सड़कों पर उतरे लोग: गगनदीप रंधावा हत्याकांड में 44 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली

अमृतसर : दिवंगत डीएम गगनदीप सिंह रंधावा के परिवार का धैर्य अब जवाब देने लगा है। घटना के 44 दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों और स्थानीय निवासियों ने आज रंजीत एवेन्यू में विशाल कैंडल मार्च निकाला। रंजीत एवेन्यू से शुरू होकर यह मार्च स्थानीय थाने तक पहुँचा, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
“देर से मिला न्याय, अन्याय के समान”
मीडिया से मुखातिब होते हुए मृतक की पत्नी ने रुंधे गले से कहा, “न्याय में देरी खुद में एक बड़ा अन्याय है।” उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार कई बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुका है, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ हासिल नहीं हुआ। अब तक केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, जबकि अन्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करता है।

CBI जांच की उठी मांग
परिजनों ने वर्तमान जांच प्रक्रिया पर अविश्वास जताते हुए मामले को CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) को सौंपने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि:
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- चीफ सेक्रेटरी द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
- सरकारी तंत्र की धीमी चाल से परिवार का भरोसा टूट रहा है।
- राजनीतिक रसूख के कारण अन्य आरोपियों को बचाने की आशंका जताई जा रही है।
”अगर जल्द ही सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो हम थाने के बाहर पक्का धरना देने को मजबूर होंगे। यह लड़ाई अब सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज के इंसाफ की है।”
— परिजनों का सामूहिक बयान

राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों का मिला समर्थन
इस कैंडल मार्च में न केवल आम जनता, बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में मांग की कि गगनदीप सिंह रंधावा के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए। कैंडल मार्च के दौरान माहौल गमगीन लेकिन आक्रोशित नजर आया।
पुलिस प्रशासन को चेतावनी
प्रदर्शन के अंत में परिवार ने पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि यदि आगामी दिनों में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो संघर्ष को बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा। फिलहाल, पुलिस के आला अधिकारियों की ओर से इस प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।








