रेलवे ट्रैक पर अब ‘आसमान’ से नज़र: शंभू विस्फोट के बाद EDFC की सुरक्षा के लिए ड्रोन और CCTV का कवच

,अंबाला/राजपुरा: पंजाब में रेलवे संपत्तियों को निशाना बनाने की हालिया घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों और रेल मंत्रालय की नींद उड़ा दी है। शंभू के पास हुए ताजा विस्फोट स्थल का दौरा करने के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलावों की घोषणा की है। अब ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) की निगरानी के लिए अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक और CCTV कैमरों का जाल बिछाया जाएगा।
3 महीने में दूसरा हमला: बाहरी ताकतों की साजिश का अंदेशा
मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री रवनीत सिंह ने बताया कि पिछले 3 महीनों में 35 किलोमीटर के दायरे में यह दूसरी बड़ी घटना है।
- पहली घटना: 23 जनवरी (NH-44 से 900 मीटर दूर)
- ताजा विस्फोट: NH-44 से मात्र 300 मीटर की दूरी पर
मंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि असामाजिक तत्व नेशनल हाईवे का उपयोग कर आसानी से ट्रैक तक पहुँच रहे हैं। शुरुआती जांच में क्षेत्र को अस्थिर करने के लिए बाहरी तत्वों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं, जो देश की आर्थिक रीढ़ को चोट पहुँचाना चाहते हैं।

सुरक्षा का नया रोडमैप: तकनीक और गश्त का मेल
रेलवे ने कॉरिडोर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘मल्टी-लेयर’ सुरक्षा घेरा तैयार किया है:
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- ड्रोन निगरानी: कॉरिडोर के एकांत और संवेदनशील इलाकों पर ड्रोन के जरिए 24 घंटे पैनी नजर रखी जाएगी।
- CCTV का विस्तार: अंबाला मंडल के पंजाब क्षेत्र में 173 कैमरे लगाए जा चुके हैं, और बाकी संवेदनशील बिंदुओं पर नए कैमरे लगाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
- सघन गश्त: रेलवे के ‘की-मैन’ (Key-men) द्वारा जमीनी स्तर पर निरंतर गश्त की जाएगी, साथ ही सुरक्षा बलों की राउंड-द-क्लॉक मौजूदगी बढ़ाई जाएगी।
”यह केवल सुरक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति को बाधित करने की कोशिश है। हम रेलवे की संपत्तियों और यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे।”
— रवनीत सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री

आर्थिक धुरी है EDFC: लोको पायलट की सतर्कता ने टाला बड़ा हादसा
साहनेवाल (पंजाब) को पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाला यह कॉरिडोर बेहद महत्वपूर्ण है। यहाँ से प्रतिदिन लगभग 30 ट्रेनें औद्योगिक और कृषि उत्पाद लेकर गुजरती हैं। मंत्री ने उस लोको पायलट की विशेष सराहना की, जिसने विस्फोट के बाद झटका महसूस होते ही सूझबूझ दिखाते हुए ट्रेन रोक दी, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
फिलहाल, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से इस मामले की जांच कर रहे हैं ताकि इन घटनाओं के पीछे के मास्टरमाइंड तक पहुँचा जा सके।








