किन्नौर: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास
रामपुर स्थित विशेष पोक्सो अदालत का फैसला, ₹10,000 जुर्माना और पीड़िता को 2 लाख मुआवजे का आदेश

रामपुर बुशहर (किन्नौर): अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) किन्नौर स्थित रामपुर ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी ललित कुमार को पोक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने पीड़िता की मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना को देखते हुए उसे 2 लाख रुपये का मुआवजा देने के भी आदेश जारी किए हैं।
क्या था पूरा मामला?
उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना फरवरी 2023 की है। 15 वर्षीय पीड़िता अपने कमरे में सो रही थी, तभी उसके पड़ोसी और रिश्ते में उसकी मां के भतीजे ललित कुमार ने उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। लोक-लाज और डर के कारण पीड़िता ने उस समय इस घटना के बारे में किसी को नहीं बताया।

अस्पताल में हुआ मामले का खुलासा
घटना के करीब 6 महीने बाद जब पीड़िता के पेट में दर्द हुआ, तो परिजन उसे शिमला के केएनएच (KNH) अस्पताल ले गए। वहां अल्ट्रासाउंड जांच के दौरान डॉक्टर और परिजन उस वक्त दंग रह गए, जब पता चला कि पीड़िता के गर्भ में 6 माह का भ्रूण है। अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।

कानूनी कार्रवाई और गवाह
सरकार की ओर से मामले की पैरवी कर रहे कमल चंदेल ने बताया कि मुकदमे के दौरान अदालत ने कुल 19 गवाहों के बयान दर्ज किए। दोनों पक्षों की लंबी दलीलें सुनने और ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने ललित कुमार को नाबालिग के साथ दुष्कर्म के अपराध का दोषी पाया।
अदालत का संदेश: इस सख्त फैसले से समाज में यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में कानून किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगा।








