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व्हाट्सएप पर ‘फेक ट्रैफिक चालान’ का जाल: बरनाला में ठगों ने अब APK फाइल को बनाया हथियार

सावधान! व्हाट्सएप पर चालान का मैसेज खाली कर सकता है आपका बैंक खाता; बरनाला में APK फाइल के जरिए ठगी का नया ट्रेंड

 

बरनाला:  डिजिटल इंडिया के इस युग में जहां एक ओर सुविधाएं बढ़ी हैं, वहीं साइबर अपराधी भी तकनीकी रूप से बेहद शातिर हो गए हैं। बरनाला और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों ‘फेक ट्रैफिक चालान’ के जरिए ठगी का एक नया और खतरनाक खेल चल रहा है। ठग अब केवल लिंक नहीं भेज रहे, बल्कि आपके फोन में ‘.apk’ (ए.पी.के.) फाइल भेजकर पूरे स्मार्टफोन का रिमोट कंट्रोल अपने हाथ में ले रहे हैं।

ऐसे बुना जाता है ठगी का जाल:

​साइबर सेल की जांच में सामने आया है कि जालसाज किसी प्रोफेशनल कंपनी की तरह वारदातों को अंजाम दे रहे हैं:

  1. असली दिखने वाला मैसेज: सबसे पहले वाहन मालिक को व्हाट्सएप पर एक मैसेज आता है, जिस पर ट्रैफिक पुलिस का आधिकारिक लोगो लगा होता है।
  2. डर का मनोविज्ञान: मैसेज में भारी-भरकम चालान कटने का दावा किया जाता है। सबूत के तौर पर चालान की फोटो या विवरण देखने के लिए एक फाइल डाऊनलोड करने को कहा जाता है।
  3. जासूसी सॉफ्टवेयर (Malware): जैसे ही यूजर उस फाइल को इंस्टॉल करता है, फोन में एक जासूसी सॉफ्टवेयर सक्रिय हो जाता है। यह सॉफ्टवेयर आपकी गैलरी, कॉन्टैक्ट्स और सबसे महत्वपूर्ण—आपके बैंकिंग ऐप्स का एक्सेस ठगों तक पहुंचा देता है।

ओटीपी (OTP) की चोरी: सबसे खतरनाक पहलू

​इस ठगी की सबसे बड़ी दहशत यह है कि यह मैलवेयर आपके फोन पर आने वाले OTP को खुद पढ़ लेता है। जब ठग आपके खाते से पैसे ट्रांसफर करते हैं, तो ओटीपी सीधा उनके पास पहुंच जाता है और आपके फोन पर कोई नोटिफिकेशन तक नहीं आता। पीड़ित को खबर होने से पहले ही उसका खाता पूरी तरह खाली हो चुका होता है।

साइबर सेल के सुरक्षा मंत्र: क्या करें और क्या न करें

​पुलिस प्रशासन और विशेषज्ञों ने जनता से अपील की है कि वे इन नियमों का सख्ती से पालन करें:

    • अनजान फाइलों से तौबा: व्हाट्सएप पर आई किसी भी अनजान फाइल (खासकर जिसके अंत में .apk लिखा हो) को कभी भी क्लिक या इंस्टॉल न करें।
    • आधिकारिक स्त्रोत: चालान की जांच केवल सरकारी पोर्टल vahan.parivahan.gov.in या mParivahan ऐप के जरिए ही करें।
    • सेटिंग्स में बदलाव: मोबाइल की सेटिंग में जाकर ‘Install from Unknown Sources’ विकल्प को हमेशा बंद (Off) रखें।
    • आपातकालीन कदम: यदि गलती से कोई संदिग्ध ऐप इंस्टॉल हो जाए, तो तुरंत इंटरनेट बंद करें और फोन को ‘फैक्टरी रिसेट’ (Format) कर दें।

याद रखें: परिवहन विभाग कभी भी चालान के लिए व्हाट्सएप पर कोई फाइल या सॉफ्टवेयर नहीं भेजता। आधिकारिक सूचना हमेशा सामान्य टेक्स्ट मैसेज के जरिए ही आती है।

कहां लें मदद?

​यदि आप या आपका कोई परिचित इस ठगी का शिकार होता है, तो बिना समय गंवाए साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराएं। सतर्क रहकर ही आप अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकते हैं।

Ami News
Author: Ami News

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