हिमाचल में नशा तस्करों पर पुलिस का बड़ा प्रहार: कुमारसैन अफीम कांड की मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
शिमला पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, चाय की दुकान की आड़ में चल रहा था नशे का काला कारोबार; सोलन के कंडाघाट से नेपाली मूल की महिला धरी गई

शिमला/ठियोग: हिमाचल प्रदेश में नशीले पदार्थों के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम में शिमला पुलिस के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। पुलिस ने कुमारसैन अफीम मामले की कड़ियां जोड़ते हुए (बैकवर्ड लिंकेज) एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जो ‘चाय की दुकान’ चलाने के बहाने अफीम की तस्करी के साम्राज्य को नियंत्रित कर रही थी।
चाय की चुस्की के पीछे अफीम का जाल
हाल ही में कुमारसैन पुलिस ने 9.28 किलोग्राम अफीम बरामद की थी। इस मामले की जब गहराई से पड़ताल शुरू हुई, तो तार सोलन जिले के कंडाघाट से जुड़े। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कंडाघाट स्थित “लक्ष्मी टी स्टॉल” पर छापा मारा। वहां से 46 वर्षीय लक्ष्मी को हिरासत में लिया गया। लक्ष्मी मूल रूप से नेपाल के लमजुंग जिले की रहने वाली है और काफी समय से यहां चाय की दुकान चला रही थी।

नेटवर्क की मुख्य ‘होलसेल डीलर’ निकली लक्ष्मी
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि लक्ष्मी कोई साधारण तस्कर नहीं, बल्कि एक संगठित ड्रग नेटवर्क की मुख्य होलसेल डीलर थी। वह पहले पकड़े गए तस्करों को भारी मात्रा में अफीम सप्लाई करती थी। गिरफ्तारी के वक्त पुलिस ने उसके कब्जे से 2.039 किलोग्राम अतिरिक्त अफीम भी बरामद की है।
अब तक की कार्रवाई:
- कुल गिरफ्तारियां: 04 आरोपी
- कुल बरामद अफीम: 11.5 किलोग्राम
- वर्तमान स्थिति: आरोपी महिला को कोर्ट ने 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है।

ठियोग में ‘चिट्टे’ के साथ एक युवक दबोचा
अफीम के साथ-साथ शिमला पुलिस ने सिंथेटिक ड्रग्स (चिट्टा) के खिलाफ भी शिकंजा कसा है। 12 अप्रैल को ठियोग इलाके में पुलिस ने सड़क किनारे खड़ी एक संदिग्ध स्विफ्ट डिज़ायर कार की तलाशी ली। गवाहों की मौजूदगी में ली गई तलाशी के दौरान कार सवार कुलदीप वर्मा (निवासी नलेहा, ठियोग) के कब्जे से 8.340 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

क्या कहते हैं अधिकारी?
एसपी शिमला गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस नशे के इन अवैध नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज के जरिए मुख्य सरगनाओं तक पहुँचा जा रहा है ताकि देवभूमि से नशे के कारोबार की जड़ें उखाड़ी जा सकें।








